भारत से अमेरिका तक 10 साल तक किया लड़की का पीछा, हुई 19 साल की जेल

नई दिल्ली (29 अप्रैल): भारतीय मूल के 32 साल के व्यक्ति को एक महिला का भारत से लेकर अमेरिका तक पीछा करने के जुर्म में अमेरिका में 19 साल कैद की सजा मिली है। जितेंद्र सिंह नाम के इस व्यक्ति ने महिला का नई दिल्ली से टेक्सॉस तक लगभग एक दशक तक पीछा किया। इसके बाद मामला संज्ञान में आने के बाद कोलिन काउंटी के जिला अटॉर्नी ग्रेग विलिस ने बुधवार को जितेंद्र सिंह को 19 साल कैद की सजा सुनाई।

कैसे शुरू हुई कहानी विलिस ने बताया कि जितेंद्र और महिला की मुलाकात दिल्ली में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। 2006 में जितेंद्र ने पीड़िता को शादी के लिए पूछा, जिसे पीड़िता ने इनकार कर दिया। इसके बाद जितेंद्र गुस्सा हो गया और पीड़िता का पीछा करना शुरू कर दिया। 

जितेंद्र पीड़िता के पीछे-पीछे उसके घर तक पहुंच गया। यही नहीं पीड़िता के ग्रेजुएशन खत्म होने तक उसका पीछा किया और धमकाता रहा। पीड़िता ने इसी बीच साल 2007 में पढ़ाई के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और अमेरिका चली गई। लेकिन जितेंद्र की सनक इसके बाद भी कम नहीं हुई और वो पीड़िता के पीछे-पीछे न्यूयॉर्क पहुंच गया। 

वहां पर उसने पीड़िता के यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की बहुत कोशिश की लेकिन वो इसमें नाकाम रहा, लेकिन वहीं रहा। इसके बाद पीड़िता एक इंटर्नशिप के लिए केलिफोर्निया गई तो उसने उसके निवास स्थान का पता लगा लिया और पीछा किया। जब महिला न्यूयॉर्क लौटकर आई तो भी सिंह पीछे आ गया।

सूचना प्रौद्योगिकी की एक कंपनी ने पीड़िता को नियुक्त किया तो वह वर्ष 2011 में प्लेनो चली गई। विलिस ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 और 2014 के बीच सिंह ने फोन कॉल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पीड़िता को परेशान किया। उसकी सनक अभी भी खत्म नहीं हुई। उसने साल 2014 में पीड़िता के नाम का एक फर्जी मॉनिटरिंग सर्विस अकाउंट बनावा लिया और प्लेनो में पीड़िता के घर का पता लगा लिया।

जितेंद्र प्लेनो पहुंचा। इसके बाद घर पर ताला देख उसने ताला खोलने वाले को बुलाकर पीड़िता के घर का ताला खुलवा लिया और अंदर चला गया। वहां से उसने पीड़िता के कई जरूरी कागजात और दस्तावेज समेत जेवर उठा लिए। इसी बीच पीड़िता के पड़ोसी ने प्लेनो पुलिस को इसके बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि,अधिकारियों ने पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की। अधिकारियों ने बताया कि जितेंद्र ने भारत में पीड़िता के पिता को भी प्रताड़ित किया। उसके अपराधों के लिए भारत में उसे दोषी करार दिया गया था, लेकिन उसने अधिकारियों से अपील और समझौता किया था कि वह पीड़िता से दूर रहेगा।