ईद पर भाई ने मारी बहन को गोली, लॉकेट ने बाल बांका नहीं होने दिया

मेरठ (8 जुलाई) :  ऐसा आपने पहले फिल्मों में ही होते देखा होगा। लेकिन मेरठ में ये हक़ीक़त में हुआ है। एक भाई अपनी बहन के अपने मर्जी के लड़के से शादी करने से खुश नहीं था। ये भाई गुरुवार को ईद की नमाज के बाद बाइक से बहन के घर पहुंचा। फिर उसे गोली मार दी। लेकिन असली कहानी तो अब शुरू हुई। बहन ने लॉकेट पहन रखा था। गोली लॉकेट से टकरा कर लौट गई। बहन का बाल बांका भी नहीं हुआ।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भाई की पहचान मोहम्मद नदीम के तौर पर हुई है जो मेरठ के पास इंचौली कस्बे की कुरेशियां कॉलोनी का रहने वाला है। बहन शबनम ने इस घटना के बारे में पुलिस स्टेशन जाकर बताया। शबनम ने हाल में अपने परिवार की इच्छा के विपरीत अनीस से शादी की थी।

शबनम ने लॉकेट नहीं पहना होता तो कुछ भी हो सकता था। इंचौली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज योगेंद्र मलिक के मुताबिक शबनम को बहुत मामूली चोट आई थी। शबनम के शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस उसे अस्पताल ले गई। पुलिस के मुताबिक इस मामले में औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन जल्दी ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि पहली फिक्र ये थी कि शबनम को कोई नुकसान नहीं हुआ हो।

फिल्मों में देखे गए हैं ऐसे सीन

1983 में मनमोहन देसाई की फिल्म कुली में अमिताभ बच्चन पर गोली चलती है लेकिन वो बिल्ला नंबर 786 पहने होते हैं। गोली पीतल के उस बिल्ले से टकरा कर लौट जाती है।

1978 में राजेश खन्ना की फिल्म चक्रव्यूह में उन पर गोली चलती है। लेकिन उन्होंने जेब में गीता रखी होती है। इससे उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचता।