फेरारी जुटाना इस शख्स का है शौक, 330 करोड़ की कारें है इसके पास

नई दिल्ली(29 अक्टूबर): उसको फेरारी इकट्टा करने का शौक है। वह 330 करोड़ की कारों का मालिक है। वह बहुत ही अमीर घराने में पैदा नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी आज वह इस मुकाम पर है। जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसे शख्स की जिसके पास कारों का रैला है। इस शख्स का नाम है डेविड ली। 

-डेविड के पिता हिंग वा ली 13 साल की उम्र में गरीबी से बचने के लिए और एक बेहतर जीवन के लिए खोज में तैरकर चीन से हांगकांग चले गए थे। वहां जाकर उन्होंने जेम कार्विंग (मणि नक्काशी) सीखी है और कुछ ही वर्षों के भीतर अपनी आभूषण की दुकान खोली थी।

- भाग्य ने उनका साथ दिया और वह जल्द ही अपने नौ साल के बेटे डेविड के साथ अमेरिका चले गए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। डेविड कहते हैं कि यह हमेशा से ऐसा नहीं था। उन्होंने फोर्ब्स मैग्जीन को बताया कि वह अपनी अधिकांश सफलता के लिए अपने पिता के ऋणी हैं।

- डेविड ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता को कठिन परिश्रम करते हुए देखा और उनसे कभी कार खरीदने के लिए नहीं कहा। इन कारों का काफिला खुद के पैसे से उन्होंने बनाया है। अब एक व्यवसाय दुनिया भर में फैला हुआ है। अब वह इस लायक हो गए हैं कि वह जो चाहें वह कर सकते हैं।

- उन्होंने अपना अनुकरण करने चाहने वाले लोगों के लिए सलाह भी दी है। सबसे पहले, आप अपने लक्ष्य को तय करें। फिर आप अपने मन को कभी भी बदलने नहीं दें और धैर्य रखें। मुझे पता है कि यह करना काफी मुश्किल है, लेकिन आपको ऐसा ही करने की जरूरत है।

- इसके बाद मेरे तीन गोल्डन रूल्स को अपनाइए। पहला, कड़ी मेहनत कीजिए। दूसरा, दृढ़ता के साथ काम करें। तीसरा ईमानदारी के साथ काम करें और अंत में आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।