मुंबई में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी!

मुंबई (21 अगस्त): चमड़े का बैग लेकर ऑटो से जा रहे एक व्यक्ति को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब ऑटोचालक को संदेह हुआ कि इस व्यक्ति का थैला गाय के चमड़े से बना हुआ है। वरुण कश्यप नामक यह व्यक्ति ऑटो रिक्शा से अपने कार्यालय जा रहा था तभी उसके ड्राइवर को संदेह हुआ कि उसका थला गाय के चमड़े से बना है।

एक निजी कंपनी में क्रिएटिव निदेशक के पद पर कार्यरत कश्यप ने अपने फेसबुक पोस्ट पर बताया कि मैं आटो से काम पर जा रहा था। मेरे लंबे बालों और नाक में छेद देखकर ऑटो वाले को शुरू से ही मुझ पर संदेह हुआ और वह मुझे पूछताछ करने लगा। फिर उसने ट्रैफिक सिग्नल पर ऑटो रोका और मेरे चमड़े के थैले को देखने लगा।

असम निवासी कश्यप ने बताया कि फिर चालक ने उनका थैला छुआ और कहा कि यह गाय के चमड़े से बना है। कश्यप ने इससे इंकार किया और बताया कि यह थैला उंट के चमड़े बना है और उन्होंने इसे पुष्कर से खरीदा है। लेकिन जवाब से असंतुष्ट चालक ने कार्यालय जाने के रास्ते में पड़ने वाले एक मंदिर पर गाड़ी रोक दी और बाहर निकल कर तीन अन्य लोगों को बुला लाया।

वरुण को मराठी नहीं आती है इसलिए वो उनकी बात समझ नहीं पाया। उन लोगों ने वरुण को ऑटो से उतरने के लिए कहा और वरुण का बैग छूकर देखने लगे। उन्होंने वरुण का पूरा नाम भी पूछा और फिर उसे जाने को कह दिया। वहां से निकलते वक्त जब वरुण ने ऑटो का नंबर नोट करने लगे तो उसने कहा 'आज तो बच गए आगे नहीं।"