जानिए क्यों, पत्नी का शव कंधे पर लेकर 10 किलोमीटर तक चला यह शख्स

नई दिल्ली (25 अगस्त): एक आदिवासी व्यक्ति को 10 किलोमीटर तक अपनी ही पत्नी का शव कंधे पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामला ओडिशा के कालाहांडी जिले का है। उसे अस्पताल से शव को घर तक ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल सका था।

दाना माझी नाम के व्यक्ति की 42 वर्षीय पत्नी अमंग देई की मंगलवार रात को भवानीपटना में जिला मुख्यालय अस्पताल में टीबी से मौत हो गई थी। जिसके बाद दाना माझी ने अस्पताल से वाहन के लिए गुहार लगाई लेकिन अस्पताल ने उसे वाहन देने से इनकार कर दिया। दाना माझी ने इसके बाद मृत पत्नी के शरीर पर कपड़ा लपेटा और कंधे पर रखकर पैदल ही निकल पड़ा। इस समय 12 साल की बेटी भी उसके साथ थी।

10 किलोमीटर चलने के बाद कुछ लोगों ने उसे देखा और जिला कलेक्टर को फोन किया और फिर शेष 50 किलोमीटर की यात्रा के लिए एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।

इस प्रकार की स्थिति के लिए नवीन पटनायक की सरकार ने फरवरी में ‘महापरायण’ योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत शव को सरकारी अस्तपताल से मृतक के घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन की सुविधा दी जाती है।