अनाज की दुकान चलाने वाले ने ऐसे लॉन्च किया दुनिया का सबसे सस्ता फोन

नई दिल्ली(19 फरवरी): आज देश में हर तरफ दुनिया के सबसे सस्ते फोन की चर्चा हो रही है। इस फोन को बनाने वाली कंपनी है नोएडा की 'रिंगिंग बेल्स'। इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल के पिता राजेश गोयल की उत्तर प्रदेश के शामली में अनाज की दुकान है।

अनाज का व्यवसाय उनका खानदानी रहा है।'राम जी' नाम की इस दुकान में बैठने वाले राजेश गोयल कहते हैं कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा कुछ बड़ा करेगा। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गढ़ीपुख्ता कस्बे में ज्यादा लोग गोयल और उनकी दुकान के बारे में नहीं जानते थे, मगर आजकल हर किसी की जुबान पर उनका ही जिक्र है।

राजेश गोयल, जो कि अब कंपनी के निदेशकों में से एक हैं, कहते हैं, 'मोहित ने स्कूल के बाद नोएडा की ऐमिटी यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन की। पिछली बार जब वह घर आया था तो उसने एक कंपनी खोलने की इच्छा जताई थी। मैंने उसे कुछ पैसे दिए ताकि वह शुरुआत कर सके। तब उसने मोबाइल फोन कंपनी शुरू की और हमें इस बारे में बताया। हमें उस वक्त बहुत कम जानकारी थी इसके बारे में। हम दिल्ली में उस इवेंट में भी शामिल हुए थे, जिसमें फ्रीडम 251 को लॉन्च किया गया था।'

ऐसे किया लॉन्च

एमिटी यूनिवर्सिटी पासआउट मोहित अभी तक पिता के अनाज के व्यवसाय में उनकी मदद किया करते थे लेकिन अब उनके दिमाग में दुनिया का सबसे सस्ता फोन बनाने का प्लांट डालने की बात आ गई है और इसी नई उपज ने उन्हें मोबाइल की दुनिया में सबसे ऊंचे मकाम पर बैठा दिया है।

Freedom251 की लांचिंग के बाद जब रिंगिंग बेल्‍स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष मोहित गोयल से पूछा गया कि दो मोबाइल प्लांट डालने के लिए उनके पास 500 करोड़ रुपए का पैसा कहां से आएगा? क्योंकि मोबाइल बुकिंग की डिलीवरी देने की घोषणा 30 जून 2016 से की गई है? मोहित ने कहा कि यह बात सच है कि इस प्लांट के लिए मेरे पास पैसा नहीं है और न ही मेरा परिवार इसमें मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कंपनी के दूसरे अध्यक्ष अशोक चड्ढा के पास भी पैसा नहीं है।

मोहित के मुताबिक 2 मोबाइल प्लांट डालने के लिए 500 करोड़ रुपए की राशि डेब्‍ट एंड इक्विटी के जरिए जुटाई जाएगी। हालांकि प्लांट में जो फोन बनेगा, उसकी लागत 2500 रुपए आएगी लेकिन बाजार में इसे 251 रुपए में बेचा जाएगा। मोहित की मंशा भारत में मोबाइल बाजार पर 40 फीसदी कब्जा करने की है लेकिन यह कैसे संभव होगा, उसका जवाब भी उनके ही पास है। घाटे की भरपाई मार्केटिंग का अनूठा तरीका अपनाकर, करों में कटौती और ई-कॉमर्स का फायदा उठाकर किया जाएगा। अभी दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग 27 फीसदी बाजार समेटे हुए है, जबकि माइक्रोमैक्‍स दूसरे नंबर पर है।