मसाला बेचने वाला ठग ऐसे बना करोड़पति

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 15 नवंबर ): एक करोड़पति व्यक्ति कोर्ट द्वारा सजा होने के बाद भी अपने ठगी के करोबार को बढ़ाता रहा है। साथ ही वह नियमित विदेश भी जाता रहा है, लेकिन जांच एजेंसियों को उसकी सजा की जानकारी तक नहीं थी। ऐसे ही एक मनोज नाम के व्यकित को मुंबई के क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। मनोज को मुंबई क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल ने गिरफ्तार किया है। वह उस रैकेट का हिस्सा है, जिसने अमेरिकियों के डेबिट और कार्ड की डिटेल निकालकर भारत में 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर इंस्पेक्टर सुनील बजारे और इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत सालुंखे ने जांच में पाया कि मनोज मूल रूप से चैन्नई का रहने वाला है और बाद में वह बेंगलुरु में शिफ्ट हो गया। उसका मूल रूप से मसाले का व्यसायी है, लेकिन बाद में वह साइड व्यापार हो गया। डेटा चोरी को उसने अपना मुख्य धंधा बना लिया और इस वास्ते वह विदेश भी नियमित जाता रहा। उसकी मलेशिया के किसी नागरिक से जान पहचान थी। वह मलेशियाई विदेशियों का डेटा हैक करता था और फिर उसे मनोज कुमार को देता था। मनोज कुमार फिर भारत में अपने गैंग के लोगों को इसे शेयर करता था।

मनोज कुमार अपने मलेशियाई दोस्त से प्रति अमेरिकी डेटा 15 डॉलर में लेता था। डेटा मिलने के बाद वह उसे अपने गैंग के लोगों को शेयर करता था। एक डेटा की कीमत हालांकि 15 डॉलर बहुत कम है, पर क्राइम ब्रांच के अधिकारी का कहना है कि यह एक तरह का जुआ था, जिसमें किसी डेटा से कार्ड क्लोन कर 50 हजार रुपये भी कमाए जा सकते थे और पांच लाख भी।

मनोज कुमार ने अपने ठग मलेशियाई दोस्त का नाम नहीं बताया है। बस, इतना ही बताया कि वह उसे चेहरे से पहचानता है। उसने अपने अवैध कारोबार से बेंगलुरु, चैन्नई में कई घर, बंगले बनवाए। महंगी कारें खरीदीं। उसे साल 2003 में दहिसर पुलिस स्टेशन ने ठगी के केस में गिरफ्तार किया था। बाद में उसके खिलाफ उस दौरान कुछ और केस सामने आए। सब केसों में मुकदमा चला। उसे 16 साल की सजा सुनाई गई। वह जेल भेजा गया, पर कुछ महीने बाद उसे सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई।