मोदी के आंख दिखाते ही 4000 करोड़ देने का राजी हुए माल्या

नई दिल्ली (30 मार्च): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंख दिखाते ही 9000 करोड़ के कर्ज के नीचे दबे और देश छोड़कर भागे विजय माल्या ने सितंबर तक बैंकों को 4 हजार करोड़ रुपया वापस करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्लान समिट कर दिया है।

माल्या के वकील ने न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन की पीठ के समक्ष सीलबंद लिफाफे में ऋण भुगतान का प्रस्ताव रखा। वकील ने दलील दी कि ऋण भुगतान को लेकर विभिन्न बैंकों से बातचीत जारी है। वकील की दलील थी कि उनके मुवक्किल बैंकों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन मीडिया इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है इसलिए संपूर्ण भुगतान प्रस्ताव का खुलासा अभी नहीं किया जाए। हालांकि न्यायमूर्ति जोसेफ ने मीडिया का पक्ष लेते हुए कहा कि मीडिया जनहित में यह मुद्दा उठा रहा है।

माल्या ने अपने प्रस्ताव में इस वर्ष 30 सितंबर तक 4000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का न्यायालय से वादा किया है। बाकी राशि के भुगतान से संबंधित प्रस्ताव भी सीलबंद लिफाफे में मौजूद है। न्यायालय ने माल्या के वकील की दलीलें सुनने के बाद बैंकों के कंसोर्टियम को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई सात अप्रैल को होगी।

आपको बता दें कि असम दौरे के दौरान मोदी ने लगातार दोनों दिन माल्या का नाम लिया बिना उनको चेतावनी देते हुए कहा था कि कोई भी बैंक डिफॉल्टर भाग नहीं पाएगा। मैंने बैंक डिफॉल्टर्स के पेंच कसे हैं और यह तय करेंगे कि लिया गया एक-एक पैसा वापस आ जाए।