जेल से रिहा होकर बोली साध्वी प्रज्ञा- कांग्रेस की साजिश का हुई शिकार

नई दिल्ली (27 अप्रैल): 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में मुंबई हार्इकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज साध्वी प्रज्ञा जेल से रिहा हो गईं। जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए साध्वी प्रज्ञा ने अपने ऊपर लगे आरोपों के लिए पूरी तरह कांग्रेस को जिम्मेदार बताया। साथ ही उन्होंने तत्कालीन मुंबई ATS पर भी गैर कानूनी तरीके से बंधक बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया।


साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि वो अभी तक कोई भी भावना व्यक्त नहीं कर पायी। पिछले 9 साल में भारतवर्ष में सीमा पर या देश के अंदर  नक्सल हमले में या आतंकी हमले में कोई भी सैनिक भाई या बहन शहीद हुआ है मैं उन्हें श्राद्धाजलि अर्पित करती हूं।


उन्हेंने कहा कि वो कांग्रेस की षड़यंत्र की वजह से पिछले 9 साल से जेल में थी। अभी मैं सिर्फ अर्धमुक्त हुई हूं। मैं अभी मानसिक रूप से बंधन में रहूंगी। मैं कोर्ट को धन्यवाद देती हूं कि मुझे इलाज कराने का अवसर दिया और खुले में सांस लेने का मौका दिया।


साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मीडिया ने भी शुरू में आतंकवादी कह दिया लेकिन ये भी कांग्रेस के षडयंत्र का हिस्सा था। लेकिन अभी आप लोग मेरे साथ हैं। मैं अभी मुक्त हूं और अब अपना इलाज करवाऊंगी। उन्होंने कहा कि भगवा आतंक शब्द कांग्रेस की देन है, भवगा रंग से आतंकी शक्तियों को डरना चाहिए। भगवा आतंक की पूरी कहानी कांग्रेस ने ही बना कर प्रस्तुत की थी। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि कांग्रेस ने षडयंत्र किया था ये स्पष्ट है और ये भी स्पष्ट है कि ऐसी अभी सरकार है जो किसी के साथ षडयंत्र नहीं करेगी। एजेंसियां अपना काम करतीं हैं।


साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि ATS ने मुझे बंधन में बहुत प्रताड़ित किया, मुझे मानसिक और शारीरिक तरीके से बिल्कुल तोड़ दिया। मुंबई ATS ने मुझे अवैध तरीके से बंधन में लिया था। ATS ने मुझे जितना प्रताड़ित किया उतना तो शायद परतंत्र भारत में भी किसी स्त्री को नहीं किया गया होगा। कांग्रेस ने मुझे खत्म करने का पूरा षडयंत्र किया था।


आपको बता दें कि सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में दो धमाके हुए थे। इन धामकों में सात लोग मारे गए थे जबकि 79 लोग घायल हुए थे। इसी मामले में अक्टूबर 2008 में साध्वी प्रज्ञा को गिरफ्तार किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट से साध्वी प्रज्ञा को पांच लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। इसी मामले में दूसरे आरोपी कर्नल पुरोहित की जमनानत अर्जी खारिज कर दी गई। इससे पहले पिछले साल NIA ने साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट दे दी थी लेकिन ट्रायल कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी।