सऊदी अरब की खैरात के बदले मालद्वीप ने ईरान से संबंध तोड़े !

नई दिल्ली (18मई): खाड़ी देशों में कथित अस्थिरता और अशांति के मुद्देपर मालद्वीप ने भी ईरान से अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं। मालद्वीप ने सऊदी अरब के प्रयासों की प्रशंसा की है और ईरान पर दोषा रोपण किया है।  ऐसा कहा जा रहा है कि मालद्वीप ने सऊदी अरब से मिलने वाली भारी आर्थिक मदद के बदले में ईरान से संबंध तोड़ने का ऐलान किया है।

 मालद्वीप के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किये गये एक बयान में कहा गया कि वो अपने देश के हितों की रक्षा और खाड़ी में अस्थिरता के लिए सभी संबंधित देशों के साथ संधियां और समझौते कर रहे हैं। मालद्वीप ने ईरान के साथ 1975 में राजनयिक संबंध स्थापित किये थे। हाल ही में ईरान ने मालद्वीप के लिए अपने राजदूत मोहम्मद ज़ायेरी अमीरानी की नियुक्ति की थीष अमीरानी का कार्यलय कोलम्बो में बनाया गया था। दरअसल ये माना जा रहा है कि सऊदी अरब से मिली 50 मिलियन डॉलर की मदद के बदले मालद्वीप ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा रियाद से मालद्वीप को 100 मिलियन डॉलर और मिलने की संभावना है।