मालदीव एक आइलैंड सऊदी अरब को बेच सकता है, बढ सकती है भारत की चिंता

नई दिल्ली(3 मार्च): मालदीव अपने एक आइलैंड का कंट्रोल सऊदी अरब को देने की तैयारी कर रहा है। मालदीव इंडियन ओशन में पड़ोसी है, लिहाजा इस फैसले से भारत के सामने सिक्युरिटी से जुड़ी एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

- मालदीव के अपोजिशन का कहना है कि इस फैसले के बाद यहां वहाबी सोच बढ़ेगी और देश के स्कूल मदरसों में बदल जाएंगे।

- मीडिया रिपोर्ट ने मालदीव की अपोजिशन मालदीवियन डेमोक्रैटिक पार्टी (एमडीपी) के हवाले से यह जानकारी दी है।

- एमडीपी ने कहा है कि देश के 26 आइलैंड्स में से एक फाफू को सऊदी अरब को बेचने का फैसला खतरनाक साबित हो सकता है।

- पार्टी का मानना है कि इससे देश में वहाबी सोच को बढ़ावा मिलेगा।

- बता दें कि सीरिया में लड़ रहे दूसरे देश के फाइटर्स में मालदीव की बड़ी हिस्सेदारी है।

- सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद जल्द ही मालदीव दौरे पर जाने वाले हैं।

- एमडीपी के मेंबर और पूर्व विदेश मंत्री अहमद नसीम ने कहा कि सरकार ने यह जानना भी जरूरी नहीं समझा कि लोग इस फैसले पर क्या सोचते हैं।

- एमडीपी के मुताबिक, "सऊदी अरब मालदीव में 300 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देता है। यहां की 70% आबादी वहाबी पंथ अपना चुकी है। प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन 

सऊदी अरब से इस्लामिक टीचर्स लाना चाहते हैं। फैसला स्कूलों को मदरसों में बदल देगा।"