...और 'करोड़पति' शख्सियत बन गईं मलाला

नई दिल्ली (29 जून): नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद मलाला यूसुफजई अब दुनिया भर में जानी पहचानी शख्सियत बन गई है। अभी तक मलाला से जुड़ी खबरों में उसके इरादों, संघर्ष और दुनिया से मिलने वाले भारी समर्थन का जिक्र मिलता था। लेकिन अब एक ऐसी खबर आई है, जो आपको थोड़ा हैरान कर सकती है। मलाला और उसका परिवार उसकी जिंदगी पर आधारित किताब की बिक्री और व्याख्यानों से मिलने वाली धनराशि को पाकर अब करोड़पति बन चुका है। 

मलाला को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया और वह नोबेल पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत है। पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालिबान शासन के बीच अपनी जिंदगी को मलाला ने 'आई एम मलाला' नाम की किताब में बयां किया है। लड़कियों के लिए शिक्षा की वकालत करने पर तालिबान ने इस 18 वर्षीय पाकिस्तानी किशोरी की सिर में गोली मार दी थी। मलाला ने अपनी इस पूरी कहानी को 'संडे टाइम्स' की पत्रकार क्रिस्टिना लैंब के साथ मिलकर किताब का रूप दिया है।

मलाला की इस कहानी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए गठित कंपनी के बैंक खाते में अगस्त 2015 में 22 लाख पाउंड थे और कर चुकाने से पहले उसका कुल लाभ 11 लाख पाउंड था। 'द टाइम्स' की खबर के मुताबिक, मलाला, उसके पिता जियाउद्दीन यूसुफजई और उसकी मां तूर पेकई इस कंपनी 'सालारजई लिमिटेड' के संयुक्त शेयरधारक हैं। पूरा परिवार अब ब्रिटेन के बर्मिंघम में रहता है, जहां मलाला एजबैस्टन हाई स्कूल फॉर गर्ल्स में पढ़ाई करती है।