मालाबार युद्धाभ्यास चीन के लिए संकेत, हम एक हैं- अमेरिकी कमांडर

चेन्नई (11 जुलाई): सिक्किम सीमा पर चीन के साथ तनातनी के बीच चेन्नई के पास बंगाल की खाड़ी में आज भारत, अमेरिका और जापान के बीच सैन्याभ्यास का दूसरा दिन है। माना जा रहा है ये कवायद तीनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा मजबूत बनाने में मददगार साबित होगी।


अमेरिकी नौसेना के कमांडर, रियर एडमिरल विलियम डी बायर्ने के मुताबिक ऑपरेशन मालाबार 2017 के जरिए सभी नौसेना को सिर्फ यही रणनीतिक संदेश भेजा जा रहा है कि हम एक साथ ही बेहतर हैं। वहीं नाम ना छापने की शर्त पर एक अन्‍य अमेरिकी कमांडर ने कहा कि अभ्‍यास का चीनियों पर एक महत्‍वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि वे जान जाएंगे कि हम एक साथ खड़े हैं और एक साथ खड़ा रहना ही बेहतर है।


उधर इस्‍टर्न नैवेल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्‍ट ने कहा कि मालाबार अभ्‍यास साझा चुनौतियों और खतरे से निपटने के लिए एक संयुक्‍त प्रयास है। गौरतलब है कि तीनों देशों के बीच हो रहे इस अभ्‍यास में पहली बार तीन एयरक्राफ्ट करियर हिस्सा लेंगे। इसमें अमेरिका का निमित्ज, भारत का आईएनएस विक्रमादित्य और जापान का इजूमो एयरक्राफ्ट करियर शामिल है। इसके अलावा इसमें सबसे बड़े एंटी सबमरीन हथियार भी शामिल होंगे। इस बार अमेरिका परमाणु पनडुब्बी लेकर आ रहा है।