राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा, गाय घोषित हो राष्ट्रीय पशु, गोवध पर हो उम्रकैद


नई दिल्ली ( 31 मई ): राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने गोवंश की हत्या पर सजा को बढ़ाकर आजीवन कैद किए जाने की बात भी कही है।


कोर्ट ने हिंनगोनिया गौशाला में गायों की मौत मामले पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है कि गाय को राष्‍ट्रीय पशु घोषित किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि गोवध पर सजा को बढ़ाना चाहिए और यह सजा उम्रकैद तक होनी चाहिए। अभी राज्‍य में यह सजा तीन साल है।


दरअसल जयपुर के पास स्थित हिंगोनिया गोशाला के लचर प्रबंधन के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। उसमें इस गोशाला की दुर्दशा पर सवाल उठाए गए थे। वहां के कुप्रबंधन के खिलाफ की गई याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह टिप्‍पणियां की। कोर्ट ने वन विभाग को आदेश दिया है कि हर साल गौशालाओं में 5000 पौधे लगाए जाएं।


जजों की यह टिप्‍पणी ऐसे वक्‍त आई है जब पशु बाजार में मवेशियों की बिक्री पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इस पर केंद्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्‍यों में विरोध भी हो रहा है। ऐसा ही विरोध प्रदर्शन आईआईटी मद्रास में भी हुआ। वहां पर बीफ फेस्‍ट के आयोजन के बाद एक छात्र की जमकर पिटाई कर दी गई।  


फिलहाल गौहत्या करने पर 3 साल की सजा का प्रावधान है। 26 मई को नरेंद्र मोदी सरकार ने वध के लिये पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया था। पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017 को अधिसूचित किया था।