भारत से बातचीत चाहते हैं ज्यादातर पाकिस्तानी

नई दिल्ली(7 जनवरी):उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध और कड़वे होते गए। हमले के बाद भारत ने पीओके में घुसकर आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया। लगा कि पाकिस्तान भी इस पर कोई प्रतिक्रिया देगा। दोनों ओर से सीमा पर चौकसी बढा दी गई। ऐसे माहौल में भी पाकिस्तान की बहुमत जनता भारत के साथ बातचीत कर विवाद सुलझाने के पक्ष में है।

- यह बात एक ताजा सर्वे में सामने आई है। करीब 68 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीचत भारत हो।

- उनका मानना है कि आपसी बातचीत के द्वारा ही ये दोनों पड़ोसी आपसी दुश्मनी को सुलझा सकते हैं।

- गिलानी रिसर्च फाउंडेशन ने इस सर्वे के नतीजों को प्रकाशित किया है। यह सर्वेक्षण गलप इंटरनैशनल से संबंधित गलप पाकिस्तान द्वारा कराया गया है।

- सर्वे में 1,835 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया। ये सभी पाकिस्तान के 4 प्रांतों- पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा के रहने वाले हैं। शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों से इस सर्वे के लिए सैंपल चुने गए।



-सर्वे में शामिल हुए सभी लोगों से बस एक ही सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत के पक्ष में हैं या इसके विरोधी हैं। यह सर्वे 26 सितंबर से 3 अक्टूबर 2016 के बीच कराया गया। 68 फीसद लोगों ने दोनों देशों के बीच विमर्श से आपसी विवाद सुलझाने की पहल को अपना समर्थन दिया। करीब 31 फीसद लोगों ने भारत के साथ बातचीत का विरोध किया, जबकि 1 फीसद लोगों ने कोई राय नहीं दी।