दिल्ली पुलिस में 24 घंटे में सुलझाया शैलजा हत्याकांड, इन वजहों से पकड़ा गया आरोपी मेजर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 24 जून ): दिल्ली में मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी की हत्या के मामले को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक मर्डर से पहले मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी मेजर निखिल की कार में निकली थीं। वो एक कार में सुबह आर्मी कैंट हॉस्पीटल से निकले थे। फिर चार घंटे बाद मर्डर की खबर आई। कल जब हाई प्रोफाइल मर्डर की खबर आई तो हड़कंप मच गया। दिल्ली के कैंट मेट्रो स्टेशन के पास मेजर अमित की पत्नी का शाव मिला। हत्या के बाद काफी दूर तरह उन्हें घसीटा भी गया। शव देखकर ऐसा लगता है कि उनपर गाड़ी भी चढ़ा दी गई। सड़क पर काफी दूर तक खून के निशान थे। खबर आने के बाद सवाल उठा कि आखिर किसने मेजर की पत्नी की हत्या की है और क्यों इतनी बेरहमी से उन्हें सड़क पर कुचला गया।दिल्ली पुलिस हरकत में आई। जांच शुरू हुई। 24 घंटे के बाद दिल्ली पुलिस ने मेजर निखिल हांडा को दिल्ली से 80 किलोमाटर दूर मेरठ से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक मेजर हांडा इस मर्डर का मुख्य आरोपी । घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को मेजर हांडा पर शक हो गया था, जिसके बाद उनकी सिल्वर कलर की होंडा सिटी कार पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही मेरठ दौराला के पास मेजर हांडा की कार दिखने की सूचना मिली, पुलिस टीम मेरठ को रवाना कर दी गई और मेजर हांडा को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद मेजर हांडा अपनी कार में दिल्ली NCR में ही घंटों इधर-उधर चक्कर काटता रहा। इस बीच मेजर हांडा ने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर रखा था। पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में शैलजा मेजर हांडा की कार में उनके साथ नजर आई थीं। जहां से पुलिस को सुराग मिला था। दरअसल कल मेजर अमित की पत्नी शैलजा अपने अपने सरकारी गाड़ी से आर्मी कैंप बेस होस्पीटल पहुंची। पुलिस के मुताबिक वहां पहुंचने के बाद शैलजा ने ड्राइवर और सरकारी गाड़ी को वापस कर दिया। यहां शैलजा एक प्राइवेट कार सिल्वर कलर की होंडा सिटी में सवार हुईं। साथ में एक शख्स भी था। बताया जा रहा है कि ये मेजर निखिल हांडा था। जिसे पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार किया है।बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से घुटने की परेशानी से जूझ रही थीं और पिछले चार दिन से डॉक्टर के पास जा रही थीं। शनिवार को भी वोसुबह 10 बजे आर्मी की गाड़ी से ही फिजीयोथैरेपी कराने आर्मी के बेस अस्पताल गई हुई थीं। शैलजा को अस्पताल पहुंचाने वाले ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने शैलजा को सुबह 10:30 बजे हॉस्पिटल ड्रॉप किया था। इसके बाद करीब 1 बजकर 28 मिनट पर दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन के पास वरार चौराहे पर शैलजा की लहूलुहान लाश मिली। घटना के करीब 4 घंटे बाद मृतक शैलजा के पति अमित द्वेदी नारायणा थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत लेकर पहुंचे थे।शुरू में ऐसा लग रहा था कि शैलजा की हत्या दुर्घटना के चलते हुई। लेकिन मेडिकल जांच में पता चला कि शैलजा की गला काट कर हत्या की गई थी। पुलिस का कहना है कि हत्यारे ने इसे दुर्घटना का रूप देने के लिए लाश को गाड़ी से रौंद दिया था, जिससे शव का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया ताकि पहचा में ना आ सके। लेकिन पुलिस ने जब जांच शुरु की तो इस मर्डर का खुलासा हुआ। पुलिस को हत्यारे का सुराग शैलजा के मोबाइल से मिला। मोबाइल की जांच की तो उन्हें अहम सुराग मिले। जांच में पता चला है कि उन्होंने अंतिम कॉल अपने अर्दली को की थी। उन्होंने उसे कहा था कि उन्हें अस्पताल में अभी कुछ और वक्त लगेगा, उनके पति के आने तक वो घर में ही रहे।

मामला हाई प्रोफाईल था। इसीलिए पुलिस ने छह टीमें जांच में जुट गईं। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया हत्या का मकसद मकसद लूटपाट और सेक्सुअली असॉल्ट नहीं है। ये ट्राएंगल लव अफेयर का मामला हो सकता है। बताया जा रहा है कि मेजर निखल हांडा शैलजा और उनके पति मेजर अमित का करीबी है। पुलिस ने ये भी बताया कि आरोपी आर्मी ऑफिसर अचानक ही दिल्ली आ गया था। हत्या वाले दिन यानी शनिवार को भी आरोपी निखिल हांडा दिल्ली कैंट के बेस अस्पताल में शैलजा के साथ देखा गया था। हालांकि ये निखिल हांडा नागालैंड में पोस्टेड था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि दिल्ली में निखिल हांडा क्यों आया था। परिवार से उसके रिश्ते क्या थे। पुलिस मेजर निखिला हांडा से पूछ-ताछ कर रही है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि और कौन कौन इस हत्या कांड में शामिल हैं। गौरतलब है कि शैलजा दिल्ली की रहने वाली थीं और अमित द्विवेदी मेरठ के रहने वाले थे। 2009 में उनकी शादी हुई थी। उनका एक 6 साल का बेटा है।