जानें आतंकी को मारने वाले मेजर रोहित की पूरी कहानी

अधीर यादव, देहरादून (3 मई): जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराने की खबर न्यूज 24 ने आपको दिखाई थी। किस तरह मेजर रोहित शुक्ला ने इस आतंकी को ढेर कर दिया था। आज हम आपको देश के वीर बेटे की जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जो शायद आप नहीं जानते होंगे।आतंकी समीर भट खुद को टाइगर कहता था, लेकिन जब सामने हिंदुस्तानी बब्बर शेर आया तो वो चूहे की मौत मारा गया। मेजर रोहित शुक्ला के खिलाफ धमकी भरा वीडियो जारी करने से पहले इस आतंकी ने सोचा भी नहीं था कि 24 घंटे के भीतर इसे ढूंढकर ढेर कर दिया जाएगा। आतंक के खिलाफ मेजर शुक्ला के ऑपरेशन में हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर समीर भट और उसका साथ अकीब खान मारे गए। आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान मेजर शुक्ला को भी गोली लगी, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। उन्होंने आतंक की छाती पर चढ़कर उसका खात्मा कर डाला।आतंकी समीर भट ने सेना के संदिग्ध खबरी को पकड़कर वीडियो बनाया था और उसी में सेना के मेजर शुक्ला को धमकी दी थी, लेकिन सेना ने भी आतंकियों की बोली का जवाब गोली से दिया और दहशतगर्दों को उनके घर में घुसकर मारा। मेजर रोहित शुक्ला के आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान देहरादून में उनके परिवार के लोगों की सांसे थमी हुई थीं, लेकिन जैसे ही खबर मिली कि उनके बहादुर बेटे ने आतंकियों को मार गिराया है परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।मेजर रोहित शुक्ला देहरादून के रहने वाले हैं और इन दिनों 44 राष्ट्रीय राइफल्स में मेजर पद पर तैनात हैं। मेजर शुक्ला को उनकी बहादुरी के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। आतंकी टाइगर के खात्मे से पहले भी मेजर शुक्ला ने आतंकियों के एक ऑपरेशन को नाकाम करते हुए पुलवामा में टाइगर के साथियों को मार गिराया था। इसके लिए 27 मार्च को राष्ट्रपति भवन में उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।मेजर शुक्ला की पूरी कहानी...- मेजर रोहित शुक्ला का घर देहरादून के डालनवाला में है- उनके पिता ज्ञानचंद्र शुक्ला और मां विजय लक्ष्मी शुक्ला वकील हैं- मेजर शुक्ला सेंट जोसेफ एकेडमी से पढ़े हैं- एनडीए से सेना में भर्ती हुए- 44 राष्ट्रीय राइफल्स में मेजर पद पर तैनात रोहित शुक्ला अब तक 40 ऑपरेशन की कमान संभाल चुके हैंमेजर शुक्ला के माता पिता को बेटे पर गर्व है कि उनका बेटा देश की सेवा कर रहा है, वो चाहते हैं कि देश के हर युवा में देशभक्ति का जज्बा होना चाहिए। मेजर शुक्ला ने कई बड़े ऑपरेशन्स के दौरान न सिर्फ अपने जवानों को होशियारी से बचाया, बल्कि खूंखार आतंकियों को मौत के घाट भी उतारा है। उनके काम करने का अंदाज भी अलग है, वो जहां भी तैनात रहते हैं वहां लोकल लेवल पर अपना एक ग्रिड तैयार कर लेते हैं।