शैलजा से शादी करना चाहता था मेजर निखिल, 90 दिन में किए 3300 कॉल

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 25 जून ): भारतीय सेना में मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी की हत्या कर दी गई। शनिवार को दिल्ली में उनकी बॉडी बरामद की गई थी। हत्या के आरोप में रविवार को आर्मी ऑफिसर मेजर निखिल हांडा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शैलजा की उम्र 35 साल थी और वह मूल रूप से अमृतसर की रहने वाली थी। अब तक की पुलिस जांच में ये सामने आया है कि आरोपी मेजर हांडा और शैलजा दोस्त बन गए थे। दोनों के बीच दोस्ती ऐसी थी कि बीते 90 दिनों में आरोपी ने शैलजा को 3300 बार कॉल किया था। पुलिस के मुताबिक मेजर ने कबूल किया है कि शैलजा उसकी नहीं हुई इस वजह से उसने उसे मार डाला। पुलिस के रडार पर मेजर हांडा के आने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। चूंकि मामला एक मेजर की पत्नी के कत्ल का था इसलिए पुलिस इस केस की पूरी संजीदगी से जांच में जुटी रही।

आरोपी मेजर निखिल राय हांडा की गिरफ्तारी के बाद जो कहानी सामने आई उसने सभी का चौंका दिया। मामला एकतरफा इश्क का था। अपने करीबी दोस्त और सेना में ही मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा से हांडा प्यार करता था और पहले से ही एक बच्चे की मां शैलजा से शादी करना चाहता था, शैलजा का ऐसा करने से इनकार के बाद हांडा ने उसकी हत्या कर दी। मामले में दुर्घटना की शक्ल देने के लिए उसने मृतक के शरीर को दो बार कार से कुचल भी दिया। हालांकि पुलिस शुरू से ही इसे हत्या का मामला मानकर चल रही थी। मृतक के पति ने भी हांडा पर शक जताया था, लिहाजा पुलिस ने उसे खोजना शुरू किया और घटना की एक-एक कड़ी जोड़ते हुए उसने हांडा को अरेस्ट कर लिया।  

पुलिस ने इस केस को पूरी संजीदगी से जांच में जुटी रही। इस केस में पुलिस ने शैलजा के मोबाइल की सीडीआर भी निकाली। इससे यह साफ हो गया कि शनिवार को 10 बजे से 1 बजे के बीच शैलजा ने मेजर हांडा से बात की है। यही नहीं हांडा ने 90 दिनों में करीब 3300 कॉल की थी। इसके बाद से इन तमाम कड़ियों को आपस में जोड़ा। सबसे पहला सुराग बेस अस्पताल के सीसीटीवी ने दिया, जहां शैलजा से मेजर निखिल मिलने आया था। निखिल हांडा के साथ शैलजा अस्पताल से बाहर जाती हुई दिखाई दे रही हैं। जिस गाड़ी में शैलजा थीं, वो एक प्राइवेट सफेद रंग की कार थी।

आरोपी निखिल का परिवार दिल्ली के साकेत में रहता है। दिल्ली आने के बाद भी निखिल लगातार शैलजा को कॉल करता रहा। योजना को अंजाम देने के लिए आरोपी ने स्विस नाइफ समेत दो चाकू खरीदे। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे निखिल ने शैलजा के मोबाइल पर कॉल किया। सुबह करीब 11:15 बजे मिलने की बात हुई।निखिल होंडा सिटी कार लेकर 10:30 बजे आरआर अस्पताल पहुंचा। वहां शैलजा भी फिजियोथेरेपी कराने पहुंच गई थीं। शैलजा ने अपने ड्राइवर से कहा कि वह उसे कॉल कर आने के लिए कहेंगी। वहां से शैलजा निखिल की कार में बैठकर चली गईं। आरोपी शैलजा को कार में बिठाकर आरआर अस्पताल के आसपास लेकर घूमता रहा।इसी दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। आरोपी ने शैलजा की हत्या के बाद उन्हें सड़क पर फेंक दिया और कार से कुचल दिया। गाड़ी बैक करने के बाद आरोपी ने शैलजा को फिर कुचला। इसके बाद वह कार को यू-टर्न कर मौके से फरार हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा। वहां नहाने के बाद निखिल ने अपने कुछ कपड़े कार में रखे। एक रिश्तेदार के यहां कुछ समय बिताने के बाद आरोपी दिल्ली-एनसीआर में घूमता रहा। देर रात को वह मेरठ कैंट में जीओ मेस पहुंचा। वहां उसने अपना सामान रखा।मेजर निखिल हांडा और शैलजा के पति मेजर अमित द्विवेदी एक-दूसरे को करीब से जानते हैं, क्योंकि दोनों की पोस्टिंग एक ही जगह थी। मेजर अमित द्विवेदी पहले दीमापुर में पोस्टेड थे। अभी दिल्ली ट्रेनिंग के लिए आए हुए थे। जल्द ही उन्हें यूएन मिशन पर सूडान जाना था। शैलजा अमृतसर की रहने वाली थीं। अमित द्विवेदी यूपी के फर्रुखाबाद के रहने वाले हैं।