ये असली राजपूतानी, दुश्मन को मार गिराने को तैयार मेजर नवीना शेखावत

नई दिल्ली (23 अक्टूबर): भारत की सीमा की  सुरक्षा में जांबाज बेटों के साथ अब राजस्थान की बहू- बेटियां भी आगे आ रही हैं। देश की सुरक्षा में अहम भागीदारी निभाने में राजपूत समाज की बहुएं भी देश की सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ खड़ी हैं।  पाली जिले के खोड़ गांव की बहू नवीना शेखावत भी ऐसी राजपूतानी वीरांगना है जो लद्दाख में  बतौर मेजर तैनात हैं।  2013 से दो साल तक ऑफिसर ट्रेंनिग एकेडमी में ट्रेंनिग करने के बाद लेफ्टिनेंट बनी शेखावत का कैप्टन व अब आर्मी में मेजर पद पर प्रमोशन हुआ है। अब नवीना सबसे विपरीत परिस्थितियों वाले लेह-लद्दाख अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात हैं।

- सेना में मेजर के पद पर पहुंची नवीना सामाजिक संस्कारों व परंपराओं में पूरा भरोसा रखती हैं।

- ड्यूटी पर सेना की ड्रेस में देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। वहीं ससुराल खोड़ आने पर परिवार के संस्कारों व परंपराओं को भी बखूबी निभाती हैं।

- आज भी नवीना खोड़ आने पर ससुर सहित बड़े परिवारजनों से घूंघट निकालती हैं। उन्हें यहां परंपरागत राजपूती पहनावा ही पसंद है।

- नवीना ने जोधपुर के केएन कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर डिफेंस स्टडी में पीजी किया है।

- मेजर पद पर प्रमोशन से पहले नवीना शेखावत नक्सल प्रभावित मणिपुर में दो साल तक कैप्टन के पद पर तैनात रही।

- इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में बखूबी भागीदारी निभाई।

- इस दौरान उन्होंने नक्सलवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपने स्तर पर कई अभियान चलाए।

- नवीना का कहना है कि गांव की बहू-बेटियां किसी से कम नहीं। उन्हें भी सपने देखने व आगे बढ़ने का पूरा अधिकार है।