शहीद मेजर की मां ने सरकार से की यह मांग, जानकर छलक जाएंगे आंसू

Major Ketan Sharma

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 जून): जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे में 4 जवान शहादत दे चुके हैं। 15 सैन्यकर्मी जख्मी हुए हैं, 3 आतंकी मारे गए हैं। इनमें मेरठ के शहीद मेजर केतन शर्मा भी शामिल थे। आतंकियों का पीछा करते हुए मेजर केतन शर्मा के सिर में गोली लगी, जिसमें वो शहीद हो गए। मेजर शर्मा के परिवार में चार साल की बेटी भी है। योगी आदित्यनाथ ने उनके परिवार को 25 लाख की मदद और सरकारी नौकरी का वादा किया, लेकिन इस आर्थिक मदद के बाद भी परिवार सरकार से काफी खफा है।

शहीद केतन शर्मा के परिवार का कहना है कि उनका बेटा 25 लाख रुपये से वापस आने वाला नहीं है। परिवार की नाराजगी सरकार के प्रति इतनी ज्यादा दिखा कि उन्होंने कह दिया कि हम 50 लाख रुपये देने को तैयार है, क्या वह हमें हमारा बेटा लौटा सकते हैं। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि किसी और का लाल शहीद न हो। हमारी सरकार को पाकिस्तान की कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब सरकार को देना चाहिए। यह गुस्सा इसलिए भी है, क्योंकि पिछले काफी समय से सरकार कश्मीर घाटी में आतंकियों का सफाया करने में लगी है, लेकिन इसमें सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती से भी मोदी सरकार ने इसी बात को लेकर समर्थन वापस लिया था कि वह गठबंधन के हिसाब से काम नहीं कर रही है।

2012 में सेना में शामिल हुए थे मेजर

मेजर केतन शर्मा वर्ष 2012 में सेना में शामिल हुए थे। मेजर शर्मा के परिवार में चार साल की बेटी कैरा और पत्‍नी इरा शर्मा हैं। अभी 27 मई को वह छुट्टी से वापस कश्‍मीर गए थे। शहीद हुए मेजर केतन शर्मा का परिवार गम में डूबा हुआ है। उनके परिवार ने कहा, ‘सरकार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे।’ मेजर के ताऊ अशोक शर्मा ने कहा, 'सरकार शहादत का बदला ले और बार-बार की लड़ाई बंद करे।’

24 घंटे में देश के 4 सपूत जम्मू-कश्मीर में बलिदान हो चुके हैं। सबसे पहले सुरक्षाबलों का आतंकियों से सामना अनंतनाग में हुआ, जहां घंटों चले मुठभेड़ में एक मेजर शहीद हो गए। जबकि एक अन्य अफसर समेत 3 जवान जख्मी हैं। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी भी मारा गया। इसके बाद आतंकियों ने पुलवामा में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया, जहां के अरिहल गांव में 44 राष्ट्रीय रायफल्स की बख्तरबंद गाड़ी पर आतंकियो ने आईईडी ब्लास्ट किया। इस हमले में 9 जवान और एक नागरिक घायल हुए हैं। आतंकियों ने तीसरी वारदात पुलवामा के ही त्राल में अंजाम दिया, जहां सीआरपीएफ के 180 बटालियन के मुख्यालय पर आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। हालांकि ग्रेनेड कैंप के बाहर ही फट गया।