14 साल बाद हाथ आया गोधरा कांड का मास्टरमाइंड

नई दिल्ली (18 मई): साबरमती एक्सप्रेस गोधरा कांड का मुख्य आरोपी फारुक भाणा को आखिरकार गुजरात एटीएस ने 14 साल के बाद गिरफ्तार कर लिया है। फारुक मुंबई में नाम और हुलिया बदलकर रह रहा था। वह ट्रेन जलाने का मुख्य साजिशकर्ता था।

गोधरा कांड की साजिश रचने और ट्रेन जलाने का मुख्य आरोपी भाणा साल 2002 से ही फरार चल रहा था। एटीएस ने उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कर ली। गोधरा कांड 27 फरवरी 2002 को हुआ था। गोधरा कांड के बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे। क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी जेके भट्ट ने बताया कि एटीएस फारुक को 2-3 महीने से ट्रैक कर रही थी। साबरमती एक्सप्रेस जलने के बाद फारुक भाणा और सलीम पानवाला मुंबई भाग गए और फिर वहां से पाकिस्तान। दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था।

जेके भट्ट ने बताया कि करीब 7 साल पहले भाणा मुंबई और बीएमसी कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करने लगा। उसने अपना नाम बदल लिया और दाढ़ी बढ़ा ली। हमें जानकारी मिली थी कि वह 5 महीने के दौरान गोधरा आया था। उसे हालोल टोल बूथ पर गिरफ्तार किया गया। उसे एसआईटी के हवाले किया जाएगा।

आपको बता दें कि 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नंबर एस-6 आग लगने से 58 लोगों की मौत हो गई थी। मारे गए लोगों में 23 पुरुष, 15 महिलाएं और 20 बच्चे थे। हादसे की चपेट में एस-6 कोच आया था जिसमें ज्यादातर कारसेवक थे जो अयोध्या से लौट रहे थे।