महिषासुर पर स्मृति ईरानी द्वारा पढ़ा गया पर्चा सही: जेएनयू

नई दिल्ली (2 मार्च): महिषासुर शहादत दिवस को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा संसद में पढ़े गए पर्चे को जेएनयू प्रशासन ने सही ठहराया है। जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने दावा किया कि 2014 में यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित महिषासुर शहादत दिवस के जिन पर्चों को केंद्रीय एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी ने पिछले दिनों संसद में पढ़ा था, वह सही था।

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर भूपिंदर जुत्शी ने कहा कि मंत्रालय की ओर से इन दस्तावेजों के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा जांच में पाया गया कि दस्तावेज सही थे। एचआरडी मिनिस्ट्री ने इन कागजातों को लेकर किसी सांसद ने सवाल किया था, जिसको सही साबित करने के लिए मंत्रालय की ओर से चिट्ठी भेजी गई थी। उन्होंने कहा, 'अक्तूबर 2014 में जब यह प्रोग्राम हुआ था तो वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में एक कंपलेंट भी दर्ज कराई गई थी और यूनिवर्सिटी ने जांच कमेटी का भी गठन किया था।'

जुत्शी ने कहा कि जांच कमेटी के निष्कर्षों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, क्योंकि वह उस वक्त रजिस्ट्रार नहीं थे। जेएनयू में तकरीबन 15 साल से हर कार्यक्रम के कागजात सिक्यॉरिटी ऑफिस में जमा कराए जाते हैं। इसका एक डायरी में भी ब्यौरा रखा जाता है। उन्होंने कहा स्मृति ईरानी ने जो दस्तावेज पढ़े हैं, वो सही हैं। हालांकि प्रोग्राम के आयोजकनों ने पर्चों को फर्जी करार दिया था।