कोहली की कप्तानी को लेकर धोनी ने दिया अब तक का सबसे बड़ा बयान

नई दिल्ली(13 जनवरी): वनडे और T20 की कैप्टेंसी छोड़ने के बाद महेंद्र सिंह धोनी शुक्रवार को पहली बार मीडिया के सामने आए। धोनी ने नए कप्तान विराट कोहली के कप्तानी को लेकर कहा कि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया सबसे सफल टीम होगी।

-उन्होंने कहा कि भारत में साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद ही उन्हें लगा कि स्प्लिट कैप्टेंसी यानी तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तानी काम नहीं करेगी और उन्हें इस बारे में कोई फैसला लेना चाहिए।

-धोनी ने कहा कि विराट कोहली ने वक्त के साथ खुद को बेहतर बनाया है। वे एक साल से टेस्ट में बेहतरीन कप्तानी कर रहे हैं। वे जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैं विकेटकीपिंग करते हुए उन्हें अपनी राय देता रहूंगा।

- धोनी ने कहा, ''भारत में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज मेरी आखिरी सीरीज थी। उस वक्त मुझे लगा कि स्प्लिट कैप्टेंसी ज्यादा काम नहीं करती है। इंडिया के हिसाब से देखा जाए तो एक कैप्टेन का फॉर्मूला ही ज्यादा काम करता है।''

- ''हमारे सेटअप में स्प्लिट कैप्टेंसी ज्यादा काम नहीं कर सकती। लोग चर्चा करते हैं कि कौन अच्छा कैप्टन है और कौन खराब कैप्टन है।''

- ''मैं सही वक्त का इंतजार कर रहा था। मैं चाहता था कि विराट टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी में आसानी से ढल जाएं। इसके बाद मैंने फैसला लिया। मुझे लगता है कि 

मौजूदा टीम में तीनों फॉर्मेट में जीतने का दम है।''

- बता दें कि धोनी ने पिछले हफ्ते ही वनडे और T20 की कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया था।

- धोनी ने कहा, ''विराट हमेशा ऐसा खिलाड़ी रहा जो इम्प्रूव करना चाहता है और कंट्रीब्यूट करना चाहता है। इसीलिए आज वो इतना कामयाब है। अच्छा करने की जो चाह है और खुद को इम्प्रोवाइज करने की उसकी जो आदत है, वो विराट को काफी अलग बनाती है। इसलिए जो उसे जरूरत थी, वो मैंने दिया।''

- अगर मैं 100 सजेशन उसे देता हूं और वो 100 को मना कर देता है तो मुझे परेशान नहीं होना चाहिए। जरूरी ये है कि इसी तरह का रिलेशन टीम में हो कि अगर मैं सजेशन दूं तो उसे इम्प्लीमेंट करने की उस पर मजबूरी ना हो। और, मैं भी ये उम्मीद ना करूं कि मेरे हर सजेशन को वो मानेगा ही।''

- ''ये अब विराट के ऊपर है कि वो सजेशन और खिलाड़ियों को किस तरह इस्तेमाल करता है। मैं विकेट के पीछे से उसे सलाह देता रहूंगा।''

- ''कैप्टन का सबसे अहम जो काम होता है वो खिलाड़ी के पोटेंशियल का मैच में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे। सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि उस खिलाड़ी में आपको कॉन्फिडेंस जगाना होता है ताकि वो परफॉर्म कर सके।''

- धोनी ने कहा, ''क्रिकेटर के तौर पर काफी कुछ बदल गया है। टीम की जो जरूरत थी, उसमें काफी बदलाव आ गया है। पहले मैंने नीचे बैटिंग की। फिर मैं ऊपर बैटिंग करने लगा। फिर ऊपर के ऑर्डर पर अाने वाले बैट्समैन अच्छा करने लगे तो लोअर ऑर्डर में अच्छे फिनिशर की जरूरत थी। इसलिए टीम की जरूरत के हिसाब से मैंने बैटिंग ऑर्डर तय करना शुरू कर दिया।''

- ''मेरे लिए जरूरी है कि टीम जीते। 4, 5, 6 या सात जिस नंबर पर टीम को जरूरत हो मैं बैटिंग करने के लिए तैयार हूं।''

- धोनी ने कहा, ''विकेटकीपर हमेशा टीम का वाइसकैप्टेन होता है। और विकेटकीपर को ये ओहदा मिला हो या ना मिला हो, वो फील्ड सेटिंग में बड़ा रोल अदा करता है। मैं विकेट के पीछे मौजूद रहूंगा और जितनी मदद विराट की कर सकता हूं और सलाह दे सकता हूं वो मैं करूंगा। बतौर विकेटकीपर आपका पता होता है कि बैट्समैन क्या पोजिशन ले रहा है, बॉल किस तरह घूम रही है।''

- धोनी ने कहा, ''मौजूदा टीम ऐसी है जो हर मैच जीतना चाहती है। इस टीम में अच्छे बॉलर हैं। अगर कोई इंजर्ड होता है तो हमारे पास बैकअप है। मैंने उस टीम को लीड किया है, जिसमें अच्छा परफॉर्म करने वाले खिलाड़ी रहे हैं। ये अभी यंग हैं, लेकिन इन्होंने काफी क्रिकेट खेला है। इन्होंने अंडरप्रेशर क्रिकेट खेला है।''

- धोनी ने कहा, ''मैं जिंदगी में कभी भी पछतावा नहीं करता। ये मेरे लिए एक जर्नी की तरह है। मैं अच्छे पीरियड से भी गुजरा और बुरे पीरियड से भी। जब सीनियर्स गए तो नए प्लेयर्स आए। उन्होंने खुद को साबित किया।''