धोनी ने आम्रपाली से रिश्ता तोड़ा, ये है पूरा विवाद

नई दिल्ली(16 अप्रैल): टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रियल एस्टेट ग्रुप आम्रपाली के अब ब्रांड एंबेसडर नहीं हैं। अब वे आम्रपाली ग्रुप के विज्ञापनों में भी नजर नहीं आएंगे। धोनी के बिजनेस पार्टनर अरुण पांडे ने ये दावा किया है।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में आलोक पांडे ने कहा कि धोनी ने आम्रपाली ग्रुप के एंबेसेडर पद से त्यागपत्र दे दिया। अब वे ना ही आम्रपाली ग्रुप के लिए मकान बेचते हुए नजर आएंगे और न टीवी पर न अखबारों में और न ही होर्डिंग्स पर दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि धोनी आम्रपाली के बैंड एंबेसेडर थे लेकिन अब आम्रपाली के साथ ये एग्रीमेंट खत्म हो चुका है।

बता दें कि आम्रपाली के होम बायर्स ने तय वक्त पर प्रॉपर्टी नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करते हुए धोनी पर निशाना साधा था। होम बायर्स ने धोनी से अपील की थी कि वे या तो आम्रपाली से नाता तोड़ लें या कंपनी से प्राेजेक्ट पूरा करने को कहें। गौरतलब है कि साल 2010 में टीम इंडिया के कप्तान धोनी ने आम्रपाली ग्रुप के एंबेसेडर बन थे।

क्या है विवाद

कुछ ही दिन पहले आम्रपाली ग्रुप के प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों ने धोनी के खिलाफ ट्विटर पर मुहिम छेड़ दी थी। जिन्हें वक्त पर घर नहीं मिला है वो कहने लगे कि घर दिला दो धोनी। जिनके फ्लैट में वादे के मुताबिक काम पूरे नहीं हुए हैं वो बिल्डर पर काम पूरा करवाने के लिए दबाव बनाने की मांग करने लगे थे। इस पर आखिरकार धोनी को भी ये कहना पड़ा कि वो इस बारे में आम्रपाली ग्रुप से बात करेंगे। लेकिन धोनी ने ये खुलासा नहीं किया कि उन्होंने आम्रपाली से रिश्ता तोड़ लिया है।

खरीदारों से वादा खिलाफी के आरोपों पर आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा ने भी दो दिन पहले ही सफाई दी थी. उन्होंने धोनी का गुनगाण करते हुए ये जरूर कहा था कि धोनी ने दो साल से फीस भी नहीं ली है। 

मामले पर क्या बोले थे धोनी?

- धोनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि मौजूदा इकोनॉमिक सिचुएशन में बिल्डर्स के सामने कई चैलेंज हैं। इसके बावजूद बिल्डर्स को हर हाल में इन्वेस्टर्स से किए गए वादे को पूरा करना चाहिए।

- धोनी ने कहा कि वे इस मुद्दे पर आम्रपाली के मैनेजमेंट से बात करके कोशिश करेंगे कि मैनेजमेंट लोगों से किए गए वादे को पूरा करने को तैयार हाे जाए।