जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा ने किया शहीदों का 'अपमान'?

नई दिल्ली (10 अगस्त): देश आजादी की सालगिरह मनाने जा रहा है लेकिन जो सुरक्षाबल इस देश को महफूज रखने के लिए अपनी जान दे रहे हैं उनके साथ इस देश में अपमान किया जा रहा है। श्रीनगर में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए बीएसएफ के तीन जवानों का पार्थिव शरीर अंतिम सलामी के इंतजार में घंटों तक पड़ा रहा। लेकिन इसके लिए सीएम महबूबा मुफ्ती तय कार्यक्रम के बावजूद नहीं पहुंचीं। सीएम महबूबा तो नहीं ही आईं, अफसोस की बात ये है कि जम्मू कश्मीर के डीजीपी भी घंटों की देरी से श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

बीएसएफ के ये जवान सोमवार को एलओसी के माछिल सेक्टर में एक एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए थे। श्रीनगर में इन्हें अंतिम सलामी देने के लिए मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे का वक्त तय किया गया था। शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को यहां समय पर लाया गया। लेकिन जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती श्रद्धांजलि देने के लिए तय वक्त पर नहीं पहुंचीं। महबूबा ने इसके बाद दोपहर 12 बजे का समय दिया, लेकिन फिर भी नहीं पहुंचीं और आखिरकार व्यस्तता का हवाला देकर उन्होंने अपना दौरा ही रद्द कर दिया। 

हद तो ये रही कि घाटी में सेना के कोर कमांडर और डीजीपी भी यहां घंटों देरी से पहुंचे। इस दौरान सलामी दस्ते के जवान इंतजार करते रहे। ऐसी लेट लतीफी तब हुई, जबकि सलामी के ठीक बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके घर भेजा जाना था। बीएसएफ के स्पेशल डीजी तो यहां तब पहुंचे, जब शहीदों के शवों को उनके घर भेजा जा चुका था।