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सोमवार को EVM में दर्ज होगी हरियाणा और महाराष्ट्र के सियासी सूरमाओं की किस्मत

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी दंगल में कूदे सियासी सूरमाओं की किस्मत का हाल सोमवार यानी 21 अक्टूबर को EVM में दर्ज हो जायेगा। महाराष्ट्र और हरियाणा के वोटर्स उम्मीदवारों को उगंली दिखाने को तैयार बैठे हैं। दोनों सूबों के वोटर्स यह भी बता देंगे कि पॉलिटिक्स की पिच पर अगले 5 साल तक खेलेगा और कौन वापस जनता के जमाबड़े में शामिल होगा। हालांकि इस बात का ऐलान 3 दिन बाद होगा।

न्यूज़ 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 अक्टूबर): महाराष्ट्र और हरियाणा राज्यों में 21 अक्टूबर यानी सोमवार सुबह से होने वाले चुनाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव के क्रम में दोनों राज्यों में सुरक्षा और मतदान के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। महाराष्ट्र में 8 करोड़ 98 लाख 30 हज़ार 600 मतदाता कुल 3,237 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जबकि हरियाणा में 1करोड़ 83 लाख मतदाता अपने वोटिंग राइट्स का इस्तेमाल करेंगे। हरियाणा में मतदान के लिए 19,578 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र में 96,661 केंद्रों पर मतदान होगा। महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ 17 राज्यों की 51 सीटों पर भी मतदान हो रहा है। 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की 18 सीटों समेत देश में कुल 51 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 11 सीटों समेत गुजरात की 6, बिहार की 5, केरल की 5, पंजाब की 4, असम की 4, सिक्किम की 3, राजस्थान की 2 तमिलनाडु की 2 और हिमाचल प्रदेश की 2 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा तेलंगाना, एमपी, पुडुचेरी, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और छत्तीसगढ़ की 1-1 सीट पर वोटिंग होगी। इसी दिन बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट पर वोटिंग कराई जाएगी।

हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि बसपा 87 और इनेलो 81 सीटों पर चुनाव मैदान में है। भाकपा चार और माकपा सात सीटों पर लड़ रही है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 434 है। पहली बार चुनाव में हिस्सा लेने जा रही जननायक जनता पार्टी ने भी 80 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

महाराष्ट्र की 288 सीटों पर बीएसपी ने सबसे ज्यादा 262 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। सत्ताधारी बीजेपी 164 सीटों पर लड़ रही है। हालांकि भाजपा के चिह्न् पर 14 गठबंधन उम्मीदवार भी लड़ रहे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16 और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी आठ सीटों पर लड़ रही है। इसी तरह कांग्रेस 147, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 101 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 121 सीटों पर लड़ रही है। शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

एक संस्था ने चुनाव मैदान में मौजूद 3237 उम्मीदवारों में से 3112 उम्मीदवारों की तरफ़ से दायर हलफ़नामे का अध्ययन किया है। आंकड़ों के मुताबिक़ राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के कुल 162 उम्मीदवारों में से 96 उम्मीदवार (59 फ़ीसदी) ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। इनमें से 59 उम्मीदवार (36 फ़ीसदी) तो ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ हत्या, हत्या के प्रयास या ऐसे ही अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। बीजेपी की मुख्य विरोधी कांग्रेस पार्टी भी इस मामले में ज़्यादा पीछे नहीं है। पार्टी के कुल 83 उम्मीदवार (57 फ़ीसदी) आपराधिक मामलों में केस का सामना कर रहे हैं। इनमें से 44 उम्मीदवारों (30 फ़ीसदी) पर गंभीर आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। वहीं बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के 48 फ़ीसदी जबकि कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के 35 फ़ीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर मामलों में आपराधिक मामले दर्ज़ हैं।

राज्य के चुनावी अखाड़े में मौजूद कुल 916 उम्मीदवार (29 फ़ीसदी) ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ सामान्य अपराधों में केस चल रहा है। इनमें 600 उम्मीदवारों (19 फ़ीसदी) के ख़िलाफ गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज़ है। 19 उम्मीदवारों के ख़िलाफ तो आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का केस चल रहा है तो 60 उम्मीदवारों के ख़िलाफ हत्या के प्रयास के मामले में केस दर्ज़ है। 67 उम्मीदवारों पर महिलाओं के ख़िलाफ अपराध के मामले हैं जिनमें 4 पर बलात्कार का मामला भी दर्ज़ है। कुल मिलाकर 288 में से 176 विधानसभा सीटें हैं जिन्हें रेड अलर्ट सीट घोषित किया गया है। ये वैसी सीटें होती हैं जिनमें कम से कम 3 उम्मीदवारों के ख़िलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज़ होता है। वैसे 2014 में हुए चुनाव की तुलना में इस बार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की तादाद कम है। 2014 में जहां ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 34 फ़ीसदी थी वहीं 2019 में ऐसे उम्मीदवार घटकर 29 फ़ीसदी रह गए हैं।

आर्थिक रूप से उन्नत इस राज्य में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या में बड़ा इज़ाफ़ा हुआ है। इस बार कुल 47 फ़ीसदी यानि 1007 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति कम से कम 1 करोड़ घोषित की है। 2014 के चुनाव में ये संख्या 32 फ़ीसदी ही थी। चुनावी मैदान में ताल ठोक रहीं बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी जैसी प्रमुख पार्टियों के ज़्यादातर उम्मीदवार करोड़पति हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी के तो 155 यानि 96 फ़ीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं जबकि कांग्रेस के 126 यानि 86 फ़ीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसी तरह शिवसेना के 94 और एनसीपी के 87 फ़ीसदी उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ से ज़्यादा घोषित की है।

मैदान में ताल ठोक रहे तीन सबसे अमीर उम्मीदवारों में 2 सत्तारूढ़ बीजेपी के हैं। मुंबई उपनगर ज़िले की घाटकोपर सीट से अपनी क़िस्मत आजमा रहे बीजेपी के पराग शाह राज्य के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। शाह ने अपने हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 500 करोड़ रूपए से ज़्यादा घोषित की है। इसमें 400 करोड़ से ज़्यादा चल जबकि करीब 79 करोड़ की अचल संपत्ति घोषित की है। वहीं मुंबई शहर के पॉश मालाबार हिल विधानसभा सीट से चुनावी अखाड़े में मौजूद बीजेपी के ही मंगलप्रभात लोढ़ा राज्य के दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। लोढ़ा ने अपनी कुल चल और अचल संपत्ति 441 करोड़ रूपए की घोषित की है। वहीं पुणे की पुरंदर सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के संजय जगताप 245 करोड़ रूपए की घोषित संपत्ति के साथ तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।

हरियाणा में 187 (17 फीसदी) उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने हलफनामे में ये घोषित किया है कि उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 70 तो ऐसे हैं, जिनके ख़िलाफ़ हत्या और अन्य गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जबकि 117 यानी करीब 10% उम्मीदवारों पर अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछली बार ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 7 फ़ीसदी थी। इस अध्ययन में 15 सीटों को रेड अलर्ट सीट घोषित किया गया है। ये ऐसी सीटें हैं, जिनमें कम से कम 3 उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं।

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए कुल 1169 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1064 पुरुष, 104 महिलाएं और एक अन्य उम्मीदवार शामिल हैं। सर्वाधिक 25 उम्मीदवार हांसी सीट पर और सबसे कम छह उम्मीदवार अंबाला केंट और शाहबाद (सुरक्षित) सीट पर हैं।

Images Courtesy:Google

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