महाराष्ट्र में प्लास्टिक की बोतलों में नहीं मिलेगा पीने का पानी

मुंबई(17 नवंबर): महाराष्ट्र में अगले साल गुड़ीपाड़वा से मंत्रालय सहित सभी सरकारी और अर्ध सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, महाविद्यालयों जैसे शिक्षा संस्थानों में पीने के पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। 

- राज्य के होटल व रेस्तरां भी ग्राहकों को पीने का पानी देने के लिए प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। 

- पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने यह जानकारी दी। उन्होंने गुरुवार को मंत्रालय में प्लास्टिक बोतलों पर पाबंदी की तैयारी को लेकर विभिन्न मनपा आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

- कदम ने बताया कि सरकार राज्य को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्लास्टिक पाबंदी से जुड़े कानून में नियमों का उल्लंघन करने वालों को 3 से 6 महीने तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा 25 से 50 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। 

- कदम ने कहा कि पाबंदी के बाद लगातार दो बार प्लास्टिक का इस्तेमाल करते पाए जाने वाले दुकानदारों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। कानून का पालन न करने वाले होटल वालों के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए सरकार कानून बनाने जा रही है।

- कदम ने कहा कि हम मंत्रालय सहित सभी सरकारी दफ्तरों में प्लास्टिक की पानी की बोतल के इस्तेमाल पर 100 प्रतिशत पाबंदी लगाने वाले हैं। तीन और पांच सितारा होटलों में भी पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों के इस्तेमाल पर रोक होगी। कदम ने कहा कि प्लास्टिक की बोतल के विकल्प के तौर पर कांच की बोतलों का इस्तेमाल हो सकता है। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को चार महीने का समय दिया गया है।