ओवेसी की काट के लिए कांग्रेस के पास शहज़ाद पूनावाला!

नई दिल्ली (5 मई) :  महाराष्ट्र में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवेसी के बढ़ते असर की काट के लिए क्या कांग्रेस ने खास रणनीति तैयार की है? क्या इसके लिए युवा मुस्लिम चेहरे के तौर पर शहज़ाद पूनावाला के नाम को आगे किया जा रहा है?

एशियन ऐज की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पूनावाला को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से खास ज़िम्मेदारी दी गई है। इसके तहत 2017 में होने वाले पुणे कॉरपोरेशन चुनाव के लिए पूनावाला से पुणे के बारे में इनपुट मांगे गए हैं।

एक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी का कहना है," पूनावाला को राज्य में एआईएमआईएम की चुनौती का सामना करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। पूनावाला की युवा मुस्लिम चेहरे के तौर पर पूरे देश में पहचान है। उन्होंने असदुद्दीन ओवेसी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज़ कराया है। आने वाले दिनों में वे बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच गठजोड़ को भी बेनकाब करेंगे।"

सूत्रों ने कहा, "28 वर्षीय पूनावाला को एआईसीसी मीडिया सेल और अन्य जिम्मेदारियों पर रहते अच्छा अनुभव है। साथ ही उनके पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और हाईकमान से भी अच्छे संबंध हैं।"

कांग्रेस पदाधिकारी ने बताया कि पूनावाला मुंबई से अहम मुद्दों पर दिल्ली को फीडबैक दे सकते हैं। 17 मई को पूनावाला ने कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर का पुणे में कार्यक्रम रखा है। उस दिन थरूर पुणे कांग्रेस, पुणे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को बताएंगे कि सोशल मीडिया का किस तरह प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है।       

सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 12 सदस्यीय 'रणनीतिक और योजना पैनल'  का गठन किया है। इसमें वरिष्ठ महासचिवों के अलावा पार्टी की राज्य इकाई के कई सचिवों को रखा गया है। इस पैनल को 5 सूत्री रणनीति पर काम करने के लिए कहा गया है। ये पैनल महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिति से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार करने के साथ पार्टी का रुख तैयार करेगा। इसी के मुताबिक पार्टी के प्रवक्ता बयान देंगे।  

ये पैनल सुझाव देगा कि पार्टी को क्या कार्यक्रम और क्या आयोजन करने चाहिए। इसके लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के साथ विचार किया जाएगा। ऐसा ही एक कार्यक्रम आदिवासियों के अधिकारों से जुड़ा है। ये मुद्दा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दिल के बहुत करीब है। सूत्रों के मुताबिक सूखे से खराब होते हालात भी ऐसा ऐसा मुद्दा है जिस पर तत्काल ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।