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सावरकर के पोते ने उद्धव ठाकरे को याद दिलाया हिंदुत्व !

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद बीजेपी से अलग हुई शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी से सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रही है। शिवसेना हमेशा हिंदुत्व विचार धारा की राजनीति करती रही है,

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(15 नवंबर): महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद बीजेपी से अलग हुई शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी से मिलकर सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रही है। शिवसेना हमेशा हिंदुत्व विचार धारा की राजनीति करती रही है, अब ऐसे में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठजोड़ कर सरकार बनाने का प्रयास शिवसेना के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। वहीं, अब  महाराष्ट्र में शिवसेना के कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के लिए गठजोड़ करने पर स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के पोते ने टिप्पणी की है।

 सावरकर के पौत्र रंजीत सावरकर ने कहा कि मुझे भरोसा है कि उद्धव ठाकरे कभी हिंदुत्व की अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे। यही नहीं रंजीत सावरकर ने कहा कि उन्हें यह उम्मीद भी है कि उद्धव ठाकरे सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि शिवसेना हिंदुत्व को लेकर कांग्रेस के स्टैंड को बदलने में सफल होगी। बता दें कि महाराष्ट्र चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना ने सत्ता में आने पर वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की बात कही थी।

हिंदुत्व पर अपने विचारों के लिए चर्चित रहे क्रांतिकारी वीर सावरकर हिंदू महासभा से जुड़े थे। महाराष्ट्र में वीर सावरकार का नाम आदर से लिया जाता है। खासतौर पर हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक दल सावरकर को अपना आदर्श मानते रहे हैं।

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