मुंबई में बारिश से खतरा अभी टला नहीं, रुक-रुक कर बारिश जारी, दोपहर में हाईटाइड की आशंका

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (3 जुलाई): मुंबई में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश जारी है। बारिश से यहां जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। जगह-जगह सड़कों और नीचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। रेल, वायु और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों और विमानों को रद्द करना पड़ा है। लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। आज एकबार फिर हाईटाइड की आशंका जताई गई है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सभी को 2 दिनों तक सचेत रहने की जरूरत है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे यहां ऐसे ही हालात बने रहेंगे। कुछ इलाकों में आज भी भारी बारिश हो सकती है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने कहा है कि 3 से 5 जुलाई के बीच मुंबई में फिर बाढ़ आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान 200 मिलीमीटर या फिर इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

रविवार से हो रही मूसलाधार बारिश ने रेल, एयर और रोड ट्रैफिक को ध्वस्त कर दिया है। कुल मिलाकर 54 फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है, जबकि 52 फ्लाइट कैंसिल किए गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बीएमसी डिजास्टर मैनजमेंट कंट्रोल रूम का दौरा किया और शहर में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। सीएम ने रेल ट्रैफिक, रोड ट्रैफिक का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जहां जहां संसाधनों की ज्यादा जरूरत है वहां पर मदद भेजी जा रही है। फड़णवीस ने बीएमसी और मुंबई पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे, सड़क यातायात और ऐसे क्षेत्रों की समीक्षा की, जहां अधिक ध्यान और सहायता की आवश्यकता है. फड़णवीस ने कहा, आईएमडी के भारी बारिश संबंधी परामर्श के तहत एहतियाती तौर पर मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। हमें अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है। एयरपोर्ट कॉलोनी, वकोला जंक्शन, पोस्टल कॉलोनी, चुनाभट्टी रेलवे स्टेशन और वकोला रोड पर भयंकर जलजमाव हुआ है।

बारिश की वजह से मीठी नदी  उफान पर है। मीठी नदी के उफान पर होने के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 1000 से अधिक लोगों को क्रांति नगर, कुर्ला से हटाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। बारिश के कारण वित्तीय राजधानी जलमग्न हो गई और शहर में दीवार गिरने की एक घटना में 21 लोगों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि शेष महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में बारिश से संबंधित घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई। उत्तरी उपनगर मलाड में भारी बारिश के बाद मंगलवार तड़के एक दीवार ढहने से 21 लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हुए।