अहमदनगर गैंगरेप मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

मुंबई (18 जुलाई):  महाराष्ट्र सरकार का विधिमंड़ल का मानसून सत्र आज से शुरु हुआ। विपक्षियों ने शुरुआत में ही अहमदनगर के कोपर्डी में नाबालिग का गैंगरेप और हत्या के मामले पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की और विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम को नियुक्त करने की जानकारी दी।

क्या है पूरा मामला....

-अहमदनगर जिले के कर्जत तहसील के कोपर्डी गांव में पांच दिन पहले एक नाबालिग का गैंगरेप कर बर्बरता से हत्या कर दी गई थी। 

-इसके विरोध में हजारों लोगो सडक पर उतरे थे। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोर्ट में पेश करने पर 25 जुलाई तक की पुलिस हिरासत मिली है। 

-सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीडित परिवार से मिलकर सात्वंना दी।

-इस गैंगरेप और हत्या के विरोध में राज्य के कई शहरों में आज बंद का एलान किया गया है।  

विधानसभा में विपक्षियों का हंगामा

-मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षियों ने इस मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा मचाते हुए स्थगन प्रस्ताव की मांग की। -इस पर मुख्यमंत्री ने अपने निवेदन मामले सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में और इस मामले में उज्जवल निकम को नियुक्त करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, पीडित के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता निधि से पांच लाख की रकम दी जाएगी। वहीं मामले की कड़ी जांच करने के आदेश दिए गए हैं।

अहमदनगर के पुलिस अधीक्षक सौरभ त्रिपाठी ने बताया, ‘‘यह घटना 13 जुलाई को शाम 6:45 बजे से 7:30 बजे के बीच हुई। जब 15 साल की पीड़िता अपने दादाजी से मिलने के बाद लौट रही थी। जितेंद्र शिंदे, संतोष भावल और नितिन धलुमे नाम के तीन लोगों ने उसका पीछा किया और गला दबाकर उसे मौत के घाट उतारने से पहले उससे हिंसक तरीके से सामूहिक बलात्कार किया। उसके दोनों कंधे अपनी जगह से अलग हो चुके थे।’

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 302 और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। सोशल मीडिया में घटना की जानकारी वायरल होते ही महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने मशहूर वकील उज्जवल निकम को सरकारी वकील नियुक्त किया है और मामले के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को सुनवाई की बात कही है।