मुंबई में किसानों का महा-आंदोलन, जानें, क्या है उनकी मांगें

मुंबई(12 मार्च): मुंबई में करीब 30 हजार किसान सड़कों पर हैं। मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर नासिक से चला किसानों का यह रेला आजाद मैदान में जमा है। यहां से ये किसान विधानसभा घेरने के लिए निकलेंगे। बताया जा रहा है कि बच्चों की परीक्षा को देखते हुए किसानों ने 11 बजे के बाद प्रदर्शन का फैसला किया है। 

क्या हैं किसानों की मांगें

-कृषि उपज की लागत मूल्य के अलावा 50 प्रतिशत लाभ दिया जाए।

-सभी किसानों के कर्ज माफ किए जाएं ।

-नदी जोड़ योजना के तहत महाराष्ट्र के किसानों को पानी दिया जाए।

-वन्य जमीन पर पीढ़ियों से खेती करते आ रहे किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाए।

-संजय गांधी निराधार योजना का लाभ किसानों को दिया जाए।

-सहायता राशि 600 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह की जाए।

-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।

क्या हैं स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें

- 18 नवंबर 2004 को केंद्र सरकार ने एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया गया था।

-आयोग ने अपनी रिपोर्ट में किसानों के जीवन-स्तर सुधारने के लिए कई सिफारिशें की थीं।

-आयोग ने अपनी सिफारिश में फसल उत्पादन मूल्य से पचास फीसदी ज्यादा राशि किसानों को देने की बात कही थी।

-किसानों के लिए अच्छी क्वालिटी के बीज कम कीमत में उपलब्ध कराने की सिफारिश थी।

-गांवों में किसानों की मदद के लिए विलेज नॉलेज सेंटर या ज्ञान चौपाल बनाने की पहल की सिफारिश।

-महिला किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएं।

-कृषि जोखिम फंड बनाया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के आने पर किसानों को मदद मिल पाए।

-अतिरिक्त और बेकार भूमि का किसानों के बीच वितरण हो।

-खेतिहर जमीन और वनभूमि को गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए कॉरपोरेट को न दिया जाए।

-फसल बीमा की सुविधा पूरे देश में हर फसल के लिए मिले।

-सरकार की मदद से किसानों को दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज दर कम करके चार फीसदी किया जाए।