महाराष्ट्र में सरकार के खिलाफ सड़क पर किसान, विधानसभा के बाहर 20 हजार से ज्यादा किसान करेंगे प्रदर्शन


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 नवंबर): सरकार के खिलाफ किसानों का गुस्सा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नाराजगी की इस कड़ी में अबकी बार हजारों की तादाद में किसान, MSP और सूखे की मार झेलने के खिलाफ मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा होने शुरु हो गए हैं। किसान लोक संघर्ष मोर्चा की ओर से आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में किसानों का सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। जोकि 2019 चुनाव के ठीक पहले सरकार के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है।

महाराष्ट्र के हज़ारों किसान ठाणे के आनंद नगर से आज मुंबई पहुंचेंगे।  ये किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के साथ ही MSP पर कानून लाने जैसी कई मांगे कर रहे हैं।किसान नेताओं का दावा है कि महाराष्ट्र सरकार ने 6 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई वादा पूरा नहीं किया है। स्वराज अभियान के मुखिया और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता योगेंद्र यादव और संरक्षणवादी डॉ राजेंद्र सिंह इस किसान मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में बीते 6 महीने से लगातार अपनी मांगों को लेकर और सरकार के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, इन हजारों किसानों की इस मार्च के माध्यम से मांग है कि खेतिहर मजदूरों की जंगल की जमीनें दी जाएं। साथ ही, सूखा प्रभावित इलाकों में सही ढंग से राहत पहुंचे। किसानों का कहना है कि पिछले प्रदर्शन को कई महीनें हो गए, मगर अब तक एक भी आश्वासन पर काम नहीं हुआ।

20,000 से ज्यादा किसान इस मार्च में शामिल हो रहे हैं। किसान और आदिवासी अपने खाने-पीने का सामान भी साथ लेकर चल रहे हैं। आठ महीने पहले किसानों ने नासिक से ऐसा ही मार्च निकाला था। किसानों ने बुधवार दोपहर से पैदल यात्रा शुरू की है। मार्च में शामिल एक नेता ने बताया कि आज सुबह वे दक्षिण मुंबई में आजाद मैदान पहुंचेंगे और फिर वे विधानभवन के पास प्रदर्शन करेंगे। अभी राज्य विधानसभा का सत्र चल रहा है। मार्च में हिस्सा लेने वालों में अधिकतर लोग ठाणे, भुसावल और मराठवाड़ा क्षेत्रों से हैं।