महाराष्ट्र सरकार के पास नहीं किसानों को बांटे 14,388 करोड़ कर्ज का ब्यौरा

विनोद जगदाले, मुंबई (11 अप्रैल): छत्रपती शिवाजी महाराज शेतकरी (किसान) सम्मान योजना अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार ने 14,388 करोड़ रुपये कर्ज का वितरण 46.52 लाख किसानों को करने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी, लेकिन इतनी बड़े फंड वितरण की जिला वाइज किसी भी तरह की जानकारी सरकार के पास उपलब्ध ना होने का कबूलनामा दिया हैं। इससे कुल कर्ज वितरण की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य के किसानों का माफ किए कर्ज की जानकारी मांगते हुए किसानों की संख्या, कुल मंजूर और नामंजूर आवेदन की संख्या, बैंक का नाम, कुल वितरण फंड की जानकारी जिला वाइज मांगी थी। महाराष्ट्र सरकार के सहकार मार्केट व वस्त्रोद्योग विभाग के जन सूचना अधिकारी दि. म. राणे ने अनिल गलगली को बताया कि कुल बैंक में जमा किए गए फंड की रकम की जिला वाइज की जानकारी सरकार के पास उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही में विदर्भ के गांव वाइज जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।

अनिल गलगली को उपलब्ध कराई हुई जानकारी के अनुसार 36 जिला औऱ अन्य ऐसे कुल मिलाकर 37 जिला में 56,59,159 आवेदन छत्रपती शिवाजी महाराज शेतकरी (किसान) सम्मान योजना अंतर्गत प्राप्त हुए हैं, इनमें सर्वाधिक आवेदन अहमदनगर जिला से हैं। इसकी संख्या 3,34,920 हैं। 14,797 आवेदन अन्य में पंजीकृत हैं। 1620 मुंबई उपनगर और 23715 मुंबई शहर से आवेदन हैं। राष्ट्रीयकृत बैंक में 19,88,234 एकाउंट मंजूर हुए हैं। 77,66,55,13,440.76 रकम बैंक को दी गई हैं जबकि बैंक ने 75,89,98,20,857.28 रकम लाभार्थी को दी गई हैं। वहीं डीसीसी बैंक में 26,64,576 एकाउंट  मंजूर हैं। इनमें 67,70,18,88,772.36 रकम बैंक को दी गई हैं जबकि बैंक ने 67,97,74,78,292.76 इतनी रकम लाभार्थी को वितरित की गई। 33 राष्ट्रीयकृत और 30 डीसीसी बैंक में 46,52,810 एकाउंट मंजूर किए गए हैं। इनमें 1,45,36,74,02,213.11 इतनी रकम बैंक को जारी की गई हैं और बैंक ने 1,43,87,72,99,150.04 इतनी रकम रकम लाभार्थी को वितरित की गई हैं।

अनिल गलगली के अनुसार बड़े पैमाने पर फंड वितरित किया गया, लेकिन सरकार के पास जिला वाइज औऱ गाव वाइज जानकारी उपलब्ध न होना, यह सिस्टम की बड़ी भूल तो हैं ही तथा गांवों में जिन किसानों को लाभार्थी बताया गया हैं उनका प्रत्यक्ष में सम्मान हुआ हैं नहीं, इसकी पृष्टि करने का मार्ग खुद सरकार ने बंद करने का आरोप लगाते हुए अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की हैं कि जिला और गांव वाइज लाभार्थी किसानों उनकी लिस्ट तैयार करने का आदेश दिया जाए।