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महाराष्ट्र: सरकार बनाने की रेस में शामिल हुई बीजेपी, राणे ने कहा- स्थाई सरकार के प्रयास जारी

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी सियासी उठा पठक जारी है, लेकिन अभी भी सरकार बनाने को लेकर कोई तस्वीर साफ होती हुई नजर नहीं आ रही है। बीजेपी नेता नारायण राणे ने कहा है कि महाराष्ट्र में बीजेपी ही अपनी सरकार बनाएगी

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प्रवीण मिश्रा, दीपक दुबे,  न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (12 नवंबर): महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद भी सियासी उठा पठक जारी है, लेकिन अभी भी सरकार बनाने को लेकर कोई तस्वीर साफ होती हुई नजर नहीं आ रही है। बीजेपी नेता नारायण राणे ने कहा है कि महाराष्ट्र में बीजेपी ही अपनी सरकार बनाएगी, कांग्रेस और एनसीपी तो शिवसेना से केवल झूठ बोल रही हैं। आगे उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमें राज्य में बीजेपी की सरकार स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बीजेपी राज्यपाल से तभी मिलेगी जब उसके पास बहुमत होगा। शिवसेना से अलग होने के सवाल पर राणे ने कहा कि बीजेपी ने गठबंधन खत्म नहीं किया है। नारायण राणे ने कहा सरकार बनाना बीजेपी का लक्ष्य है, वह चाहेंगे की राज्य में उनके पास 145 विधायक हो। बता दें कि इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन्होंने कहा था कि हमने बीजेपी से रिश्ता खत्म नहीं किया था और बीजेपी ने उन्हें झूठा कहा था, जिससे वह काफी दुखी हैं। 

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस से उनकी बातचीत बीते कल (सोमवार) ही शुरू हुई है, जब अलग-अलग विचारधारा एक साथ आती हैं तो समय लगता है। महाराष्ट्र में राज्यपाल शासन लागू होने को लेकर ठाकरे ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें समय ज्यादा देने से इनकार कर दिया है 6 महीने का समय देने के लिए उन्होंने राज्यपाल का धन्यवाद भी किया है। 

वहीं, एनसीपी और कांग्रेस ने संयकु्त प्रेस वार्ता में कहा की शिवसेना को समर्थन के मदुदे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर पैसला करने से पहले हम परस्पर बातचीत करेंगे उसके बाद शिवसेना से आगे की बात की जाएगी। कांग्रेस और एनसीपी ने कहा अलग-अलग विचारों के दल एक साथ आते हैं तो कोमन मिनिमम प्रोग्राम की आवश्यकता होती है। शिवसेना ने 11 तारीख को अधिकृत तौर पर पहली बार समर्थन मांगा। अब दोनों सहयोगी दल परस्पर सभी बातों पर सहमति करने के बाद शिवसेना के साथ चर्चा करेंगे। 

इससे पहले का घटना क्रम... 

-बीजेपी नेता नारायण राणे ने कहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के नाम पर एनसीपी और कांग्रेस मिलकर शिवसेना से झूठ बोल रहे हैं। 

राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि बीजेपी से गठबंधन हमने नहीं बल्कि बीजेपी ने तोड़ा है। उन्होंने कहा बीजपी के नेताओं ने मुझे झूठा कहा- इस बात में बहुत दुखी है। 

- सियासी जदोजहद के बीच राज्यपाल की सिफारिश पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मंजूरी दे दी है। राज्यपाल ने बीते दिन शिवसेना के बाद एनसीपी को  सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन किसी भी के पास बहुमत नहीं होने की वजह से राज्यपाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग कर दी थी।  

 

- कांग्रेस ने महाराष्ट्र में सियासी घमासान को देखते हुए राज्यपाल पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा- है कि राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की मांग कर लोकतंत्र की निंदा की है। इससे लगता है कि वह सरकार के दवाब में काम कर रहे हैं। 

- महाराष्ट्र में किसी के पास बहुमत नही, 356 जैसे हालात हैं। आगे उन्होंने कहा- कि राज्य में किसी भी राजनीतिक दल के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं है। आगे उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा, बहुमत के मुताबिक किसी भी दल की सरकार बनने के आसार नहीं हैं। 

-शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, शिवसेना को 3 दिन का समय सरकार बनाने को लेकर नहीं दिया गया जिसे लेकर वकील सुनील फर्नांडिस ने याचिका दायर की। 

- महाराष्ट्र का सियासी संघर्ष अब सियासी संकट की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रपति को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर दी है। इसी बीच शिवसेना भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

महाराष्ट्र में सरकार बनाने की जदोजहद के बीच राज्यपाल ने गृहमंत्रालय को राज्य मे राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। हालांकि राजभवन ने इसका खंडन किया है। 

महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने देश के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से फोन पर बात की है। शिवसेना 3 दिन का समय मांग रही है। अगर ऐसा नहीं होता है और राष्ट्रपति शासन के हालात बनते हैं तो शिवसेना कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। इसी मसले पर ठाकरे ने सिब्बल से बात की है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर नया पेच फंसता नजर आ रहा है। कांग्रेस का मानना है कि देरी उनकी तरफ से नहीं, बल्कि एनसीपी चीफ शरद पवार की ओर से हो रही है। इसके पीछे कांग्रेस की थ्योरी है कि शरद पवार चाहते हैं कि दोनों पार्टियों शिवसेना और एनसीपी को ढाई-ढाई साल सीएम पद मिले। यानी सीएम का पद रोटेशनल हो। वहीं, शिवसेना अभी भी आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।

सोमवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक बेनतीजा रहने के बाद आज फिर से सोनिया गांधी के आवास पर मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में महाराष्ट्र को लेकर चर्चा की जानी है। केसी वेणुगोपाल और एके एंटनी मीटिंग के लिए पहुंच गए हैं।

शिवसेन और NCP में 50-50 के फॉर्मुले पर बातचीत-सूत्र

शिवसेना नेता संजय राउत से लीलावती अस्पताल में मिलने के लिए एनसीपी चीफ शरद पवार पहुंचे हैं।  एनसीपी के मुखिया शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस की तरफ से देर हो रही है तो उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस से बात करूंगा।'

एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा है कि कल (सोमवार) हमने पूरा दिन कांग्रेस के समर्थन पत्र का इंतजार किया क्योंकि कांग्रेस के बिना हमारे समर्थन का कोई मतलब नहीं है। अजित पवार ने ये भी कहा कि स्थायी सरकार देने के लिए कांग्रेस को आना चाहिए। अजित ने ये भी स्पष्ट किया कि हमारी तरफ से कोई देरी नहीं है। पवार ने कहा कि हम कांग्रेस से बात करेंगे और राज्यपाल से ज्यादा वक्त मांगने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के पास सरकार बनाने के लिए कोई नैतिक अधिकार नहीं है, ये बीजेपी और शिवसेना का फेलियर है कि उन्होंने राज्य को राष्ट्रपति शासन के कगार पर खड़ा कर दिया है’।

महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने के लिए 10 जनपथ में लंबी मीटिंग चल रही थी। इस दौरान मीडिया में खबर आती है कि कांग्रेस शिवसेना-एनसीपी की संभावित सरकार को  समर्थन देने के लिए तैयार है, खबरें यहां तक आईं कि कांग्रेस इस सरकार को बाहर से समर्थन देगी और बदले में विधानसभा में स्पीकर का पद मांग सकती है। लेकिन 10 जनपथ के बोर्ड रूम में कुछ और ही चल रहा था।

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