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सिंचाई घोटाले में अजित पवार को महाराष्ट्र ACB ने दी क्लीन चिट

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) को महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) ने क्लीन चिट दे दी है। महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) अजित पवार (Ajit Pawar) को 27 नवंबर को क्लीन चिट दी।

Ajit Pawar- 1

इंद्रजीत सिंह, न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (6 दिसंबर): महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) को महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) ने क्लीन चिट दे दी है। महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) अजित पवार (Ajit Pawar) को 27 नवंबर को क्लीन चिट दी। महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में 27 नवंबर को जमा किए गए शपथपत्र के मुताबिक विदर्भ सिंचाई विकास निगम के चेयरमैन अजित पवार को कार्यकारी एजेंसियों के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि  पवार के पास कोई वैधानिक दायित्व नहीं है। इससे पहले 25 नवंबर को जब महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच एसीबी ने सिंचाई घोटाले  से जुड़े नौ केस बंद कर दिए थे। हाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कहा था कि जो नौ केस बंद किए गए हैं, उनका वास्ता अजित पवार से नहीं है।

महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (Ajit Pawar) की नागपुर ,एसपी रश्मी नंदेड़कर ने मुंबई हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में 16 पेज की एफिडेविट दाखिल कर कहा है कि सिंचाई घोटाले में अजित पवार के खिलाफ कोई केश नहीं बनता। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्ट के मुताबिक सिंचाई घोटाला अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर पर हुआ है इस घोटाले की जांच के लिए अब तक जो तीन समिति बनी बड़नेरे, वांडरे और  चितले इसमें से किसी ने अजित पवार को दोषी नहीं पाया है। ये एफिडेविट 27 नवंबर को कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिया गया है। यानी महाराष्ट्र  एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राज्य में महा विकास अघाड़ी की सरकार बनने से एक दिन पहले ही अजित पवार को इस मामले में क्लीन चिट दे दी।

Ajit - Devendra

आपको बता दे कि देवेंद्र फडणवीस ने इन्हीं अजित पवार (Ajit Pawar) के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई थी और अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया था। अजित पवार को क्लीन चिट देने की भी तभी शुरुआत हो गई थी। एसीबी ने अजित पवार से जुड़े कई मामलों में जांच बंद करने की घोषणा कर दी थी। अब नए हलफनामे में कहा गया है कि विदर्भ इरिगेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के सभी प्रावधानों का पालन किया गया। इसलिए उनका ऑब्जर्वेशन खारिज किया गया। गौरतलब है कि अजित पवार (Ajit Pawar) इस घोटाले में आरोपी थे, जब राज्य में बीजेपी की सरकार थी, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भ्रष्टाचार के इन्हीं मामलों में अजित पवार को जेल भेजने की बात कर रहे थे।


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