100 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, नहीं मिला महंत मोहनदास का सुराग

नई दिल्ली(20 सितंबर): फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी करने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बड़ा अखाड़ा (उदासीन) के कोठारी महंत मोहनदास 100 घंटों के बाद भी कुछ पता नहीं चल सका है। बता दें महंत मोहनदास ट्रेन से मुंबई जाने के दौरान लापता हुए। 

- उत्तराखंड पुलिस, सीआइयू और एटीएस उनकी तलाश में जुटी हैं। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी मदद मांगी है। सोमवार को महंत के मोबाइल की आखिरी लोकेशन उत्तर प्रदेश के मेरठ में मिली है। एक टीम मेरठ के लिए रवाना हो गई। इधर, पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में संतों ने पुलिस को महंत का पता लगाने के लिए दो दिन की मोहलत दी है। 

- इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायण चारी मिश्रा ने सोमवार को बताया कि ऐसी अफवाह थी कि महंत मोहनदास इंदौर में हैं। इस आधार पर पुलिस ने उनके आश्रम सहित अन्य स्थानों पर पता किया, मगर उनका कोई सुराग नहीं लगा। खोज अब भी जारी है।

- गौरतलब है कि शुक्रवार को महंत हरिद्वार से मुंबई के लिए लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना हुए थे। सोमवार को वहां उनका एक अस्पताल में ऑपरेशन होना था, लेकिन वह शनिवार को ही ट्रेन में सफर के दौरान लापता हो गए। इसका पता तब चला, जब भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक सेवादार उन्हें खाना देने ट्रेन में पहुंचा। उनका सामान सीट पर था, लेकिन हैंड बैग और संत नहीं मिले। मुसाफिरों ने संत के दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन के बाद सीट पर नहीं देखे जाने की बात कही।

गिरी के अनुसार पुलिस को मंगलवार तक का समय दिया गया है। उसके बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। संत समाज भी अपने स्तर से खोजबीन में जुटा है। बताया गया कि महंत के हैंड बैग में चार से पांच लाख रुपये नकदी थे, जो वह इलाज के लिए साथ ले गए थे।