हाशिम के निधन पर रो पड़े हनुमान गढी के महंत ज्ञानदास

अरविंद गुप्ता, अयोध्या (20 जुलाई): राम जन्मभूमि मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी का निधन हो गया। दिल की बीमारी से ग्रस्त 96 वर्षीय अंसारी ने अपने अयोध्या स्थित आवास पर सुबह 5.30 बजे अंतिम सांस ली। हासिम अंसारी के निधन पर अयोध्या में शोक की लहर है।

यूं तो हासिम मंदिर मस्जिद विवाद में बाबरी मस्जिद के मुद्दई थे लेकिन उनके देहावसान पर रामजन्म भूमि मंदिर के न्यास अध्यक्ष महन्त नृत्यगोपाल दास ने कहा कि मृत्यु शाश्वत है। हाशिम हमारे बीच नहीं, लेकिन एक हाशिम के मरने पर दूसरा हाशिम जन्म लेगा।

राम जन्मभूमि मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद में संयुक्त रूप से आपसी समझौते के लिए प्रयासरत महंत ज्ञानदास बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी के निधन पर बोलते बोलते रो पड़े। हिन्दू मुस्लिम विवाद में अड़ियल रवैये के लिए जानी जाने वाली विहिप ने कहा कि हाशिम एक उदार मुस्लिम पैरोकार एवं राम मन्दिर निर्माण के पक्षधर थे। कट्टरपंथी मुस्लिमों को हाशिम से सबक लेना चाहिए।

रामजन्म भूमि मन्दिर के पक्षकारों में मुख्य पक्ष निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि पुजारी रामदास ने हाशिम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हाशिम ने मंदिर मस्जिद पर लड़ाई के साथ-साथ सुलह की भी वकालत की। उनकी इच्छा थी कि उनके जीवित रहते फैसला आता, लेकिन हाशिम की इच्छा अधूरी रह गयी। हाशिम के सम्बन्ध संतो महंतो से भी बहुत अच्छे थे।