महाशिवरात्रि: अगर ऐसे रखेंगे व्रत तो पूरी होगी मनोकामना

 

नई दिल्ली(14 फरवरी): महाशिवरात्रि हिंदुओं के मुख्य त्यौहार है। पूरे भारतवर्ष में ये बेहद धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन भक्‍तजन अपने प्रिय भोले को प्रसन्‍न करने के लिए व्रत रखते हैं शिवलिंग पर जल, दूध और धतूरा आदि चढ़ाते हैं।

-  यह पर्व को शिव और देवी पार्वती के शुभ-विवाह के अवसर पर मनाया जाता है। शिवरात्रि का यह महापर्व न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है। 

- हिन्दू पंचांग के अनुसार यह पर्व हर साल फाल्गुन मास में आता है, जो सामान्यतः अंग्रेजी महीने के फरवरी या मार्च में पड़ता है।

- इस दिन श्रद्धालु गंगा-स्नान या अन्य पवित्र नदियों-सरोवरों आदि में स्नान करते हैं। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर दूधाभिषेक, जलाभिषेक, बेल-पत्र, भांग, धतूरा, पुष्प और अन्य फूल सहित फल-मिष्टान्न चढ़ाया जाता है।
 
- इस दिन अधिकतर राज्‍यों के अलग-अलग नगरों में शिवविवाह की बारात निकाली जाती हैं, जिसमें बच्चे-बूढ़े-जवान सभी भाग लेते हैं। भक्तगण भांति-भांति के रूप, जैसे, भूत, पिशाच, नाग, बैल, राक्षस, देव, गन्धर्व आदि रूप धरकर शिव जयकारा लगाते हैं।

- महाशिवरात्रि के दिन अनेक महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। वे सुबह जल्दी उठ कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं और भक्ति-भाव से शिवलिंग पर जलाभिषेक करती हैं। शिवलिंग को चन्दन, फल-फूल से सजाया जाता है और इस दिन दूध, बादाम और भांग मिलाकर खास ठंडाई बनाई जाती है, जिसे सब प्रसाद के रुप में पीया जाता हैं। और सबसे महत्वपूर्ण है, मध्यरात्रि को संपन्न किया जाने वाला शिव-पार्वती का विवाह। जिसके सारे अनुष्ठान वैदिक रीतियों से सम्पन्न करवाए जाते हैं।

-  इसके साथ ही महाशिवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण भाग संपन्न होता है। इसकी अगली सुबह व्रतधारी और उपवास करने वाले मंदिर में विधि-पूर्वक शिव पूजा करते हैं और पारायण (पारण) करते हैं।