भारत में चलेगी बुलेट से भी तेज यह ट्रेन...

नई दिल्ली (6 अगस्त): इंडियन रेलवे ने मैग्लव टेक्नॉलजी से चलने वाली ट्रेन उतारने के लिए विदेशी कंपनियों को आमंत्रित किया है। यह टेक्नॉलजी प्रस्तावित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट प्रॉजेक्ट से भी तेज होगी। इस ट्रेन की औसत स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे है।

ऐसी ट्रेनें अभी केवल जापान, चीन और जर्मनी में ही चलती हैं। इन ट्रेनों के लिए भारत में जिन रूटों का चुनाव किया गया है उनमें चेन्नै-बेंगलुरु, नागपुर-मुंबई, हैदराबाद-चैन्नै और नई दिल्ली-चण्डीगढ़ शामिल हैं। यह प्रॉजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पर आधारित होगा। इंट्रेस्टेड कंपनियों को 6 सितंबर के पहले अप्लाई करना होगा।

मैग्लव की खासियत... - इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 590 किलोमीटर प्रति घंटे है। इस ट्रेन ने 2003 में 581 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड हासिल की थी। उसके एक हफ्ते बाद इसने खुद अपना रेकॉर्ड तोड़ दिया। - अभी तक दुनिया की सबसे तेज कमर्शल मैग्लव चीन में ही चलती है। इसकी टॉप स्पीड 431 किलोमीटर प्रति घंटे है। - अमेरिका की सबसे तेज ट्रेन ऐमट्रैक असेला एक्सप्रेस की स्पीड 241 किलोमीटर प्रति घंटे है। - ब्रिटेन में सबसे तेज चलने वाली मैग्लव ट्रेन की स्पीड 400 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। अभी सिर्फ इसकी प्लानिंग की गयी है। - 500 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली इस ट्रेन में पहिये नहीं हैं। यह ट्रैक से 10 सेंटीमीटर ऊपर चलती है। इसे इलेक्ट्रिकली चार्ज्ड मैग्नेट के सहारे चलाया जाता है। पहिये नहीं होने की वजह से घर्षण कम होता है और ट्रेन तेज भागती है।