माघी पूर्णिमा विशेषः इनकम बढ़ाने के लिए आज लक्ष्मी को अर्पित करें 11 गुलाब के फूल


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 फरवरी): आज माघी पूर्णिमा है। शास्त्रों में माघ स्नान एवं व्रत का विशेष महत्व है। वैसे तो माघ की प्रत्येक तिथि पुण्यपर्व है उनमें भी माघी पूर्णिमा को विशेष महत्व दिया गया है। माघ मास की पूर्णिमा तीर्थस्थलों में स्नान दानादि के लिए काफी फलदायी बताई गई है। इस दिन स्नान, जप, तप और दान का बहुत अधिक महत्व है।मान्यता है कि इस दौरान गंगा स्नान करने से इसी जन्म में मुक्ति की प्राप्ति होती है. स्नान के जल में गंगा जल डालकर स्नान करना भी फलदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर स्नान करने वाले लोगों पर श्री कृष्ण की विशेष कृपा होती है। साथ ही भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर व्यक्ति को धन-धान्य, सुख-समृद्धि और संतान के साथ मुक्ति का आर्शिवाद प्रदान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से इंसान के सारे कष्टों का निवारण हो जाता है और गंगा में डुबकी लगाने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। माघ पूर्णिमा का आरंभ 30 जनवरी, 2018 को 11 बजकर 24 मिनट और 5 सेकेंड पर शुरू होकर 31 जनवरी, 2018 को 6 बजकर 57 मिनट और 43 सेकेंड पर समाप्त होगा।

-  माघी पूर्णिमा के दिन आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के विशेष उपाय कर सकते है। इस पूर्णिमा की रात लगभग 12 बजे महालक्ष्मी की भगवान विष्णु के साथ पूजा करें व रात को घर के मुख्य दरवाजे पर घी का दीपक लगाएं।


- माघी पूर्णिमा की सुबह पास के किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और 11 गुलाब के फूल अर्पित करें। इससे माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।


- माघी पूर्णिमा की सुबह पूरे माता सरस्वती की भी पूजा की जाती है। इस दिन माता सरस्वती को सफेद फूल चढ़ाएं व खीर का भोग लगाएं। इन सभी उपायों से मां जल्दी प्रसन्न होती है और आपको विशेष कृपा मिलेगी।



शास्त्रों के मुताबिक माध पूर्णिमा पर विधि विधान से पूजा करना काफी फलदायक होता है। आज के दिन प्रातःकाल उठकर नित्यकर्म करने के बाद स्नान करें और ध्यान लगाकर भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा करें। माना जाता है कि माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु स्वयं गंगाजल में निवास करते हैं इसलिए गंगाजल में स्नान और आचमन करना फलदायी होता है। माघी पूर्णिमा पर पितरों को श्राद्ध देना चाहिए। इस दिन देवता रूप बदलकर गंगा में स्नान करने धरती पर उतरते हैं और हर मनुष्य का कल्याण करते हैं। माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने से व्यक्ति की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस शुभ अवसर पर तिल, कम्बल, कपास, गुड़, घी, मोदक, फल, चरण पादुकाएं, अन्न का दान करना फलदायक होता है।