ताजा जांच में एक बार फिर नाकाम हुई मैगी

बाराबंकी (9 मार्च): मैगी खाने वालों के लिए यह खबर शायद निराशाजनक हो सकती है क्‍योंकि गुणवत्ता को लेकर सवालों से घिरी रही नेस्ले मैगी ताजा जांच में एक बार फिर नाकाम हो गई है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में एक अभियान के तहत गत पांच फरवरी को बाराबंकी के सफेदाबाद कस्बे में एक जनरल स्टोर से मैगी नूडल्स के नमूने लिए थे। जांच में नमूने मानक के विपरीत पाए गए हैं। नियमानुसार मैगी मसाले की राख की मात्रा एक फीसद होनी चाहिए मगर जांच में यह मात्रा 1.85 प्रतिशत पाई गई है। यह रिपोर्ट लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में जांच के बाद गत 26 फरवरी को जारी की गई है।

मनोज ने बताया कि अब संबंधित विक्रेता और नेस्ले कम्पनी को नोटिस भेजी जाएगी। अगर वे इस जांच से असंतुष्ट है तो अपने खर्च पर नमूने को रेफरल लैब में भेज सकते है और वहां की रिपोर्ट अन्तिम मानी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर एक महीने के अंदर जांच के लिए कम्पनी का विक्रेता की तरफ से कोई अर्जी नहीं आएगी तो अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर कराया जाएगा। इस मामले में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी किया जा सकता है।