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इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आज आदिवासी जननायक टंट्या भील के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के लिए कई घोषणाएं की। सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगू भाई पटेल सबसे पहले महू के पातालपानी पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सबसे पहले काली माता के मंदिर में पूजा की और टंट्या भील की प्रतिमा का अनावरण किया, इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल इंदौर के नेहरू स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां मुख्यमंत्री और भाजपा के बड़े नेता आदिवासी गानों की धुन पर थिरके। वहीं,कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में आए आदिवासियों को संबोधित करते हुए कई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कांग्रेस को आढ़े हाथों लेते हुए जमकर घेरा और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इतने सालों तक राज किया, लेकिन आदिवासी के लिए कुछ नहीं किया टंट्या मामा भील से जननायकों की आजादी दिलाने में बड़ी भूमिका रही, लेकिन उन्हें भूला दिया गया।
भाजपा आदिवासी अंचल के भाई बहनों के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अनूसुचित जनजाती क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए पैसा एक्ट लागू करने की घोषणा की है, जिससे आदिवासी अंचल की ग्राम पंचायतों को मजूबत किया जाएगा। आदिवासियों पर दर्ज किए गए छोटे-मोटे कानूनी मामलों को वापस लिया जाएगा। आदिवासी अब महूआ से शराब बनाकर हेरिटेज शराब के नाम पर दुकानदारों को बेच सकेंगे।
आदिवासी युवाओं को 50 हजार तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा। सूदखोरों से निजात दिलाने के लिए ब्याज से लिया गया कर्जा माफ करने की बात कही है। साथ ही आदिवासियों से उनकी वनोपज को समर्थन मुल्य पर खरीदा जाएगा। हालांकि,इस दौरान मुख्यमंत्री ने धार के कांग्रेस नेता बालमुकंद गौतम पर भी शराब बेचने का आरोप लगाया। इधर राज्यपाल ने भी अपने उद्बोधन में सीकलसेल बिमारी के लिए किए जा रहे काम को और आगे बढ़ाने की बात कही है।
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