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MP-राजस्थान में सीएम पद के लिए माथापच्ची जारी, राहुल करेंगे फैसला

5 राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। पांच में से तीन राज्यों में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने बीजेपी को मात देते हुए सत्ता में वापसी की है। हालांकि अब पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है। मध्य प्रदेश में जहां कमलनाथ और ज्योतिराधित्य सिंधिया सीएम पद की रेस में आगे हैं तो राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट कुर्सी की रेस में आगे बताए जा रहे हैं। दोनों ही प्रदेशों में आज मेल-मुलाकातों का दौर जारी रहा।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 दिसंबर): 5 राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। पांच में से तीन राज्यों में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने बीजेपी को मात देते हुए सत्ता में वापसी की है। हालांकि अब पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है। मध्य प्रदेश में जहां कमलनाथ और ज्योतिराधित्य सिंधिया सीएम पद की रेस में आगे हैं तो राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट कुर्सी की रेस में आगे बताए जा रहे हैं। दोनों ही प्रदेशों में आज मेल-मुलाकातों का दौर जारी रहा।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक दल ने आज सीएम चुनने के लिए बैठक की। विधायकों ने मुख्यमंत्री चयन करने का अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दिया है। राजस्थान में केसी वेणुगोपाल और मध्य प्रदेश में एके एंटनी ने भी पर्यवेक्षकों के तौर पर विधायकों के साथ बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन सीएम कौन बने, इसका नतीजा नहीं निकल सका। राजस्थान में तो सुबह 11.30 से शुरू हुई बैठक देर शाम खत्म हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अधिकार दिया है कि वह मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला करें। विधायकों की बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लगभग दो घंटे तक चली इसके बाद पार्टी पर्यवेक्षकों के तौर पर यहां आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी और कुंवर भंवर जितेन्द्र सिंह द्वारा विधायकों से अलग-अलग राय ली गई।

ओझा ने बताया कि बैठक में कांग्रेस को समर्थन दे रहे चार निर्दलीय विधायक भी मौजूद थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और विवेक तन्खा सहित अन्य नेता भी बैठक में मौजूद थे। प्रदेश में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के बाद बुधवार सुबह मतगणना समाप्त होने पर कांग्रेस ने 114 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है जो कि बहुमत के आंकड़े 116 से मात्र दो सीटें कम है. वहीं प्रदेश में पिछले 15 साल से सत्तारुढ़ दल बीजेपी 109 सीटें हासिल कर दूसरे स्थान पर रही. प्रदेश में दो सीटों पर बसपा, एक समाजवादी पार्टी और चार सीटों पर निर्दलीयों ने विजय दर्ज की है. प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं।

इससे पहले बुधवार दोपहर को कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और विवेक तन्खा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात की और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा पेश किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कमलनाथ ने राज्यपाल को सौंपे अपने पत्र में कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रदेश में सबसे बड़े दल के तौर पर सामने आई है और कांग्रेस को बहुमत हासिल है. बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।

उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि कांग्रेस को प्रदेश में सरकार बनाने का अवसर दिया जाए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बताया कि प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय के समर्थन से कांग्रेस के पास समर्थन का कुल आंकड़ा 121 विधायकों का है।

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