भोपाल में 9 साल की मासूम से रेप-हत्‍या के दोषी को फांसी की सजा, 32 दिन में आया फैसला

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(11 जुलाई): भोपाल की मांडवा बस्‍ती में 8 जून को 9 साल की मासूम के साथ हुई रेप और हत्‍या की घटना पर जिला कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने मामले में महज 32 दिनों में सुनवाई पूरी करते हुए गुरुवार को रेप के दोषी विष्‍णु को फांसी की सजा सुनाई है।लेकिन ऐसा नहीं है कि शुरू से ही पुलिस ने ऐसी तेजी दिखाई। अगर पुलिस 8 जून को बच्ची के गायब होने के बाद परिवार की बात पर हरकत करती तो शायद मासूम आज जिंदा होती।

बता दें कि 8 साल की मासूम बच्ची भोपाल के कमलानगर इलाके की एक झुग्गी बस्ती में अपने परिवार के साथ रहती थी। 8 जून के दिन जब वो घर से अपनी दादी के लिए गुटखा लेने गई थी तो पास में ही रहने वाले विष्णु ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के डर से उसी रात विष्णु ने मासूम की हत्या कर दी। इस बीच मासूम के घऱवाले उसी रात कमलानगर थाने पहुंचे थे। लेकिन बच्ची को तुरंत खोजने से पुलिस ने इनकार कर दिया था। हालांकि मामले के गरमाने पर पुलिस करीब चार घंटे बाद देर रात सक्रिय हुई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्ची के पड़ोस में ही रहने वाला युवक दरिंदगी की सारी हदें पार कर चुका था। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे घर से 20 कदम की दूरी पर बच्ची को मृत स्थिति में उसके पिता ने नाले के किनारे देखा। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कमलानगर थाने के सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले पर बीस हजार का इनाम घोषित करके उसकी तलाश तेज की। सर्चिंग में बच्ची के पड़ोस में रहने वाला युवक विष्णु उर्फ बबलू घर से गायब मिला। पुलिस ने उसकी झुग्गी की तलाशी ली। वहां पुलिस को खून के धब्बे मिले। बच्ची की टूटी हुई चूड़ियों के टुकड़े और बाल भी मिले। 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने विष्णु को खंडवा के पास मोरटक्का के पास से पकड़ लिया।