युवक ने लिखा PM मोदी को पत्र, 'मैं बनने जा रहा हूं आतंकवादी'

नई दिल्ली (26 अगस्त): मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में एक शख्स देश की सेवा करना चाहता था। मगर उसकी यह योजना सफल नहीं हो पाई। उसके मकसद के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बाधा बन गए।

सीने पर मोदी का टैटू गुदवाना पड़ा महंगा

दरअसल बात ये है कि एक शख्स सेना में भर्ती होना चाहता था । उसने इसके लिए काफी तैयारियां भी कर चुका था। इतना ही नहीं, उस शख्स को पूना में सेना की रैली में शामिल होने का मौका भी मिला, लेकिन उसका आरोप है कि उसे रैली में सिलेक्ट नहीं किया गया। इस रैली में सेलेक्शन की प्रक्रिया के दौरान उसके सीने पर बने पीएम मोदी और एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम वाले टैटू ही उसके रास्ते का रोड़ा बन गया।

जब वह शख्स सेना की भर्ती में पहुंचा तो टैटू देखकर अधिकारियों ने उसे आगे की प्रक्रिया से रोक दिया । जिसके बाद उस शख्स ने गृहमंत्रालय, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा और इस बात की शिकायत की। यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ का है। वहां के 23 वर्षीय सौरभ बिलगैया सेना में शामिल होना चाहता था। जिसके लिए सौरभ पिछले पांच सालो से इसकी तैयारी में जुटा  हुआ था। अपनी मेहनत और लगन से उसे  इसका मौका भी मिल भी गया।

लेकिन उसके  द्वारा किये गये पांच साल की मेहनत पर पानी फिर गया । हालांकि उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का एक टैटू अपने सीने पर बनवा रखा था। जिसमे लिखा हुआ था ‘जब तक सूरज चांद रहेगा शिवराज मामा और नरेंद्र मोदी का नाम रहेगा।’

सौरभ को ये नहीं पता था कि उनको टैटू बनवाना भारी पड़ जाएगा, सेना में भर्ती की राह में बाधा बन जाएंगे। दरअसल, टैटू बनवाने के बाद जब सौरभ सेना की भर्ती में पहुंचे तो अधिकारियों ने टैटू को देखकर नाराजगी जताई और भर्ती की अगली प्रक्रिया में शामिल होने से उन्हें रोक दिया।

सौरभ पर सवार है 'देशभक्ति'

सौरभ पर देशभक्ति का भूत सवार है। सौरभ ने जब ये बात सुनी तो उसके होश उड़ गये फिर वह एक समय के लिए अपने सीने पर बनवाए टैटू को कोसने लगा । फिर भी वह देश कि सेवा करने का मन बना लिया और उसने यह मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई और अधिकारियों को पत्र लिखा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। सौरभ की मानें तो क्या प्रधानमंत्री मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम की वजह से उसका सेलेक्शन रोका गया है।

क्या लिखा चिट्ठी में

बता दें कि सौरभ यह पत्र लिखकर अपना यह दर्द तो बयां कर दिया लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। सौरभ ने पत्र के जरिए बताया कि वह कई बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने गया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। 

उसने बताया कि वह बहुत ही गरीब परिवार से है। इतना ही नहीं उसके ऊपर देशभक्ति की इतनी भूत सवार थी कि मोदी जी से मिलने के लिए उसने अपने मां के गहने तक बेंच दिए। सौरभ पत्र लिख लिखकर परेशान हो गया तब, उसने एक पत्र में लिखा, "अगर मेरी मुलाकात शिवराज सिंह चौहान से नहीं हुई तो,मै आतंकवादी बन जाऊंगा या फिर आत्महत्या कर लूँगा। जिसका जबाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देनी होगी। सौरभ ने कहा कि या मेरा पत्र आखिरी पत्र होगा।"