अब सभी जाति के लोग बनेंगे पंडित!

नई दिल्ली ( 6 मार्च ): मध्यप्रदेश सरकार एक साल का पुरोहितों (हिंदू पुजारी) से संबंधित डिप्‍लोमा कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस डिप्‍लोमा कोर्स को करने के लिए किसी भी जाति के व्‍यक्ति को आवेदन करने का अधिकार होगा। ब्राह्मण और पिछड़े जाति में से कोई भी इस शिक्षा व्‍यव्‍स्‍था का लाभ ले सकेगा।


हालांकि अभी कोर्स शुरू नहीं हुआ है पर इसका विरोध शुरू हो चुका है। जिस बात का सबसे अधिक विरोध किया जा रहा है वह है पिछड़े जाति के लोगों को इस कोर्स को करने की अनुमति देना।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महर्षि पतंजलि संस्‍कृत संस्‍थान के डायरेक्‍टर पीआर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कोर्स का नाम 'पुरोहित्यम' रखा गया है जिसे जुलाई माह से शुरू करने की योजना है। प्रतिभागियों का चयन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह भारतीय संस्‍कृति, रीति रिवाज, मंत्र और पूजा के तौर तरीकों के बारे में कितना जानते हैं। इसके साथ ही संस्‍कृत और योग को पूरे प्रदेश में फैलाने की कोशिश की जाएगी।


इसके साथ ही उन्‍होंने बताया कि प्रतिभागी संस्‍कार साहित्‍य (गृह सूत्रों) के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते है जिसमें हिंदु धर्म के 16 संस्‍कारों के बारे में जानकारी दी जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब राज्‍य सरकार इस तरह के कोर्स में दिलचस्‍पी दिखा रही है। इसके लिए परीक्षार्थी का 12वीं पास होना अनिवार्य है।


इस संबंध में कुछ दिनों पहले स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया था कि सरकार महिलाओं को भी पुजारी बनने का मौका देना चाहती है। इसके लिए महिला संस्‍कृत स्‍कूल की शुरूआत की जाएगी।