बेटे को गठरी में बांध हॉस्पिटल पहुंचा पिता


ग्वालियर(15 जून): अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच के ट्रॉमा सेंटर में घायल बेटे को भर्ती कराने पहुंचे पिता को स्ट्रेचर न मिलने से बेटे को फट्टी (प्लास्टिक की बोरियों को सिलकर बनी) में बांधकर भर्ती के लिए ले जाना पड़ा। सालाना 9 करोड़ के बजट वाले जेएएच में बुधवार को यह शर्मनाक वाकया इसलिए हुआ कि घायल युवक के पिता कैलाश सिंह निवासी कौंथर मुरैना के पास स्ट्रेचर के बदले जमा कराने के लिए 100 रुपए नहीं थे।


-कौंथर निवासी मुकेश (30) का दिमागी बुखार के कारण मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया था। घर वाले उसे इलाज के लिए ग्वालियर ला रहे थे तभी सुबह शौच जाते समय कुएं में गिरने से वह घायल हो गया।


-उसे पहले मुरैना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर जेएएच भेजा गया था।


-अापका मरीज चलने में असमर्थ है, उसके लिए स्ट्रेचर चाहिए तो 100 रुपए जमा कराना होंगे। कैलाश के साथ भी यही हुआ।


-उन्होंने स्ट्रेचर की तलाश की तो गार्ड ने कहा- कैजुअल्टी से ले आओ। वह कैजुअल्टी पहुंचे तो कर्मचारी बोला 100 रुपए जमा कराओ जब स्ट्रेचर लौटाने आओगे तो 100 रुपए वापस ले जाना।


-कैलाश बोले, मेरे पास 10 रुपए भी नहीं हैं, 100 रुपए कहां से लाऊं?


-भर्ती का पर्चा बनवाने के लिए भी कैलाश से 100 रुपए जमा कराने को कहा गया। उन्होंने लाचारी जताई तो कर्मचारी बोला- सीएमओ से लिखवा लाओ। कैलाश फिर ट्रॉमा पहुंचे और डॉक्टर ने पर्चे पर फ्री लिखकर दिया तब जाकर भर्ती का पर्चा बना।


-स्ट्रेचर के लिए 100 रुपए जमा कराने को कहा था। मेरे पास पैसे नहीं थे। ऐसे में क्या करता? मजबूरन फट्टी में बांधकर बेटे को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा। मेरे पास दीनदयाल कार्ड है जो भूल आया था।