MP: जानिए किसानों की कर्जमाफी से सरकार पर कितना आएगा भार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 दिसंबर): किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे के पर तीन राज्यों में जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी का फैसला सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही हो सकता है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को इसके संकेत दिए।

 वहीं, मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने भी कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक कर्ज माफी जून 2009 के बाद के कर्जदार किसानों की होगी। इसमें लगभग 33 लाख किसानों को फायदा होगा। बताया जा रहा है कि इससे लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार सरकार पर आएगा।

खबरों के मुताबिक, प्रदेश के किसानों पर सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। इसमें 56 हजार करोड़ रुपये का कर्ज 41 लाख किसानों ने लिया है। वहीं, लगभग 15 हजार करोड़ रुपये एनपीए है। कर्ज माफी के लिए फिलहाल जिस फॉर्मूले पर मंथन हो रहा है, उसमें डूबत कर्ज को माफ करने के साथ नियमित कर्ज पर लगभग 25 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जाएगा।

कर्ज माफी को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने कर्ज माफी की जो योजना लागू की थी, वही एमपी में कर्ज माफी योजना का आधार बनेगी। गौरतलब है कि यूपीए सरकार के वक्त भी कालातीत कर्ज ही माफ हुआ था। कर्नाटक में जरूर नियमित कर्ज पर प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसे यहां भी अपनाया जा सकता है। इसी बावत सभी बैंकों से सहकारिता विभाग ने कर्जदार किसानों और राशि का ब्योरा मांग लिया है। इसके लिए सहकारी बैंकों को सहकारिता विभाग की ओर से एक प्रपत्र भेजा गया है। इसमें किसानों पर मौजूदा और कालातीत कर्ज की जानकारी देनी है।