एमपी में भी कांग्रेस की सरकार, राज्यपाल ने कमलनाथ को बुलाया, शिवराज ने दिया इस्तीफा


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 दिसंबर): राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश में भी अगली सरकार कांग्रेस की होगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को 12 बजे मिलने के लिए बुलाया है। वहीं शिवराज सिंह ने राज्यभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा।


 

इससे पहले बीएसपी प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव ने कांग्रेस को समर्थन का ऐलान किया था। मायावती ने जहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस का समर्थन का ऐलान किया वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख ने ट्वीट कर कांग्रेस को अपनी पार्टी का समर्थन का ऐलान किया।



आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में बीएसपी के दो और समाजवादी पार्टी के एक प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।


मायावती और अखिलेश यादव के इस ऐलान के बाद अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के पास 121 विधायकों का समर्थन हांसिल हो गया है। आपको बता दें कि 230 विधानसभा सीट वाले मध्यप्रदेश में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बीएसपी को 2, समाजवादी पार्टी को 1 और अन्य के खाते में 4 सीटें आई है। लिहाजा कांग्रेस के पास बहुमत के लिए  2 और विधायकों के सर्मथन की जरूरत है। मायावती के इस ऐलान के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। वहीं राज्यपाल ने मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को 12 बजे मिलने के लिए बुलाया है।



इधर राज्य में सरकार बनाने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने आज शाम 4 बजे पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई है।कांग्रेस में इस बात पर भी मंथन तेज हो गया है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की रेस में छिंदवाड़ा के लंबे समय से सांसद और पार्टी के रणनीतिकार कमलनाथ सबसे आगे हैं। वहीं, पार्टी की कैंपेन कमेटी के चीफ और गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की दावेदारी भी काफी मजबूत है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कमलनाथ को दिग्जविजय सिंह का भी समर्थन हांसिल है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कमलनाथ का पलड़ा भारी है। ऐसे में कमल नाथ का मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कमलनाथ को मुख्यमंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया को उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।